पंचांग 13 जनवरी सोमवार

शुभ मास-  माघ मास कृष्ण पक्ष
शुभ तिथि तृतीया जया संज्ञक तिथि सायं 5 बजकर 33 मिनट तक तत्पश्चात चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि आरम्भ।तृतीया  तिथि मे सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य,विवाह,प्रतिष्ठा ,अन्नप्राशन ,यज्ञोपवीत,उत्सव,यज्ञादि कार्य विशेष शुभ माने जाते हैं | तृतीया तिथि मे जन्मे जातक प्रमादी, धनवान ,बुद्धिवान, भाग्यवान,पराक्रमी होते है।

शुभ नक्षत्र अश्लेषा नामक “तीक्ष्ण” संज्ञक नक्षत्र प्रातः 9 बज कर 55 मिनट तक तत्पश्चात मघा नक्षत्र रहेगा | अश्लेषा मे शत्रु, कोर्ट कचहरी इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है। शुभ-मांगलिक कार्य वर्जित है। अश्लेषा नक्षत्र गंड मूल नक्षत्र माना जाता है . इस नक्षत्र मे जन्मे जातक की गंड मूल शांति हवन 27 दिन बाद पुनः इसी नक्षत्र के दिन करा लेनी चाहिए।अश्लेषा नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक क्रोधी स्वाभाव वाला ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है
चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन सिंह राशि में संचार करेगा |

व्रतोत्सव – संकष्ट चतुर्थी व्रत,तिलकुटा चौथ व्रत,लोहिड़ी उत्सव ,चंद्रोदय रात्रि 8 बजकर 44 मिनट पर

राहुकाल – प्रातः 7.30 बजे से 9 बजे तक

दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से दूध पी कर निकले।

आज के शुभ चौघड़िये – सूर्योदय से प्रातः 8.40 तक अमृत ,प्रातः 9.58 मिनट से पूर्वाह्न 11.17 मिनट तक शुभ और दोपहर 1.54 मिनट से सूर्यास्त तक चर,लाभ,अमृत का चौघड़िया

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