पंचांग 15 नवम्बर शुक्रवार

शुभ विक्रम संम्वत 2076  परिधावी नाम संवत्सर ,शाके:1941 ।मु.मास-  रवि उल अव्वल 16 ,हेमंत ऋतू , मार्गशीर्ष मास कृष्ण पक्ष

शुभ तिथि तृतीया जया संज्ञक तिथि रात्रि 7 बजकर 46 मिनट तक तत्पश्चात चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि आरम्भ ।तृतीया  तिथि मे सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य,विवाह,प्रतिष्ठा ,अन्नप्राशन ,यज्ञोपवीत,उत्सव,यज्ञादि कार्य विशेष शुभ माने जाते हैं | तृतीया तिथि मे जन्मे जातक प्रमादी, धनवान ,बुद्धिवान, भाग्यवान,पराक्रमी  होते है।

मृगशिर “मृदु” संज्ञक नक्षत्र रात्रि 11 बजकर 12 मिनट तक तत्पश्चात आर्द्रा “तीक्ष्ण” संज्ञक नक्षत्र रहेगा | मृगशिर नक्षत्र मे यथा आवश्यक मांगलिक कार्य,पौष्टिक ,देवकृत्य इत्यादि कार्य सिद्ध होते है । मृगशिर नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक उत्साही,चपल, ,सुमार्ग पर चलने वाला ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है
चन्द्रमा दोपहर 11 – 02 मिनट तक  वृषभ राशि में तत्पश्चात मिथुन राशि में संचार करेगा |

व्रतोत्सव – सौभाग्य सुंदरी व्रत ,चतुर्थी व्रत ,चंद्रोदय जयपुर में – रात्रि 7 -58 पर

राहुकाल – प्रातः 10.30 बजे से 12 बजे तक

दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा मे दिशाशूल रहता है । यात्रा को सफल बनाने लिए घर से जौ खा कर निकले।

आज के शुभ चौघड़िये – सूर्योदय से पूर्वाह्न 10.51 तक लाभ ,अमृत का ,दोपहर 12.11 मिनट से  1.31 तक शुभ का ,सायं 4.12 से सूर्यास्त तक चर का चौघड़िया

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