पंचांग 15 अक्टूबर मंगलवार

शुभ विक्रम संम्वत 2076  परिधावी नाम संवत्सर ,शाके:1941 ।मु.मास-  सफर 15 ,शरद ऋतू , कार्तिक मास कृष्ण पक्ष

शुभ तिथि द्वितीया भद्रा संज्ञक तिथि अंत रात्रि 5 बजकर 45 मिनट रहेगी। द्वितीय तिथि मे गृह निर्माण,गृह प्रवेश,विवाह, जनेऊ, वास्तु, प्रतिष्ठा  इत्यादि मांगलिक और शुभ कार्य शुभ रहते है|  द्वितीय तिथि मे जन्मे जातक धनवान, बुद्धिवान, सुखी, शौकीन होते है।
शुभ नक्षत्र-अश्विनी “क्षिप्र” संज्ञक नक्षत्र दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक तत्पश्चात भरणी नक्षत्र रहेगा| अश्विनी नक्षत्र मे विवाह ,यात्रा,विद्या इत्यादि कार्य सिद्ध होते है। अश्विनी नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी ,सरल स्वाभाव वाला,साहसी,प्रसिद्ध ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है| अश्विनी नक्षत्र गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र है अतः इस नक्षत्र मे जन्मे जातको को मूल शांति करवा लेनी चाहिये।
चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन  मेष राशि में संचार करेगा|

व्रतोत्सव –  अशून्य शयन व्रत ,सर्वार्थसिद्धि योग ,अमृतसिद्धि योग दोपहर 12-30 तक

राहुकाल – दोपहर 3 बजे से 4.30 बजे तक

दिशाशूल – मंगलवार को उत्त्तर दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से गुड़ खा कर निकले।

आज के शुभ चौघड़िये – प्रातः 9.21 मिनट से दोपहर 01.38 मिनट तक चर,लाभ,अमृत का और दोपहर 3.04  मिनट से सायं 4.30 तक शुभ का चौघड़िया।

इसे भी पढ़ें : राशिफल 15 अक्टूबर मंगलवार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares