पंचांग 20 मार्च शुक्रवार

शुभ मास-चैत्र मास कृष्ण पक्ष
शुभ तिथि द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि सम्पूर्ण दिन रात्रि रहेगी ।द्वादशी  तिथि मे विवाह आदि मांगलिक , यज्ञोपवीत ,गृह आरम्भ, प्रवेश,देव कार्य सहित सभी प्रकार के चर -स्थिर कार्य शुभ व सिद्ध होते है|  द्वादशी तिथि मे जन्मे जातक चंचल,अस्थिर,परोपकारी ,ऐश्वर्यवान ,धर्म परायण ,गुणवान,होते है

श्रवण “चर -ऊर्ध्व मुख” संज्ञक सायं 5 बजकर 5 मिनट तक तत्पश्चात धनिष्ठा नक्षत्र सम्पूर्ण रहेगा| श्रवण नक्षत्र मे देव प्रतिष्ठा ,वास्तु,जनेऊ संस्कार, वाहन क्रय करना, विवाह ,व्यापर आरम्भ,बोरिंग,शिल्प ,विद्या आरम्भ इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है। श्रवण नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी ,साहसी, प्रसिद्ध मेहनत करने वाला, धनवान, बुद्धिमान होता है
चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन मकर राशि में संचार करेगा|

व्रतोत्सव – पापमोचनी एकादशी व्रत वैष्णवों का

राहुकाल – प्रातः 10.30 बजे से 12 बजे तक

दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से जौ खा कर निकले।

आज के शुभ चौघड़िये – सूर्योदय से पूर्वाह्न 11.04 तक लाभ ,अमृत का ,दोपहर 12.34 मिनट से  2.04 तक शुभ का ,सायं 5.04से सूर्यास्त तक चर का चौघड़िया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares