पंचांग 21 मार्च शनिवार

शुभ मास-चैत्र मास कृष्ण पक्ष
शुभ तिथि द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि प्रातः 7 बजकर 56 मिनट तक तत्पश्चात त्रयोदशी तिथि रहेगी  ।द्वादशी  तिथि मे विवाह आदि मांगलिक, यज्ञोपवीत, गृह आरम्भ, प्रवेश,देव कार्य सहित सभी प्रकार के चर -स्थिर कार्य शुभ व सिद्ध होते है|  द्वादशी तिथि मे जन्मे जातक चंचल,अस्थिर,परोपकारी, ऐश्वर्यवान, धर्म परायण, गुणवान,होते है

धनिष्ठा “चर -ऊर्ध्व मुख” संज्ञक नक्षत्र सायं 7 बजकर 40 मिनट तक रहेगा  | धनिष्ठा नक्षत्र मे मुंडन, जनेऊ, देव प्रतिष्ठा, वास्तु,,वाहन क्रय करना,विवाह, व्यापर आरम्भ,बोरिंग,शिल्प, विद्या आरम्भ इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है । धनिष्ठा  नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी, साहसी, प्रसिद्ध, शौकीन, धनवान, बुद्धिमान होता है
चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन कुम्भ राशि में संचार करेगा |

व्रतोत्सव – शनि प्रदोष व्रत, द्वादशी तिथि वृद्धि, पंचक

राहुकाल – प्रातः 9 बजे से 10.30 बजे तक

दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा मे दिशाशूल रहता है । यात्रा को सफल बनाने लिए घर से अदरक या उरद दाल खा कर निकले ।

आज के शुभ चौघड़िये – प्रातः 8.04 मिनट से प्रातः 9.34 मिनट तक शुभ, दोपहर 12.34 मिनट से सायं 5.05 तक चर,लाभ,और अमृत  का चौघड़िया

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