पंचांग 23 अक्टूबर बुधवार

शुभ विक्रम संम्वत 2076  परिधावी नाम संवत्सर ,शाके:1941 ।मु.मास-  सफर 23  ,हेमंत ऋतू , कार्तिक मास कृष्ण पक्ष

शुभ तिथि दसमी पूर्णा संज्ञक तिथि रात्रि 1 बजकर 9 मिनट तक तत्पश्चात एकादशी तिथि रहेगी। दसमी तिथि को विवाह आदि मांगलिक विवाह कार्य ,गृह प्रवेश,यात्रा इत्यादि कार्य शुभ माने जाते हैं | दसमी तिथि मे जन्मे जातक धनवान, व् बुद्धिवान, भाग्यवान  होते है।
शुभ नक्षत्र अश्लेषा नामक “तीक्ष्ण” संज्ञक नक्षत्र  दोपहर 3 बज कर 13 मिनट तक तत्पश्चात मघा नक्षत्र रहेगा | अश्लेषा मे शत्रु, कोर्ट कचहरी इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है। शुभ-मांगलिक कार्य वर्जित है। अश्लेषा नक्षत्र गंड मूल नक्षत्र माना जाता है . इस नक्षत्र मे जन्मे जातक की गंड मूल शांति हवन 27 दिन बाद पुनः इसी नक्षत्र के दिन करा लेनी चाहिए। अश्लेषा नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक क्रोधी स्वाभाव वाला, सुन्दर, धनवान, बुद्धिमान होता है
चन्द्रमा सम्पूर्ण दिन कर्क राशि में संचार करेगा।

व्रतोत्सव –  हेमंत ऋतू प्रारम्भ

राहुकाल – दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे तक

दिशाशूल – बुधवार को उत्त्तर दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से गुड़ ,धनिया खा कर निकले।

आज के शुभ चौघड़िये – सूर्योदय से प्रातः 9.23 तक लाभ अमृत का, प्रातः 10.47 मिनट से दोपहर 12.11 मिनट तक शुभ और दोपहर 3.00  मिनट से सूर्यास्त तक चर,लाभ का चौघड़िया

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