पंचांग 27 मार्च शुक्रवार

शुभ मास-चैत्र मास शुक्ल पक्ष
शुभ तिथि तृतीया जया संज्ञक तिथि रात्रि 10 बजकर 23 मिनट तक रहेगी तत्पश्चात चतुर्थी तिथि रहेगी। तृतीया  तिथि मे सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य,विवाह,प्रतिष्ठा, अन्नप्राशन,यज्ञोपवीत,उत्सव,यज्ञादि कार्य विशेष शुभ माने जाते हैं| तृतीया तिथि मे जन्मे जातक प्रमादी, धनवान ,बुद्धिवान, भाग्यवान, पराक्रमी  होते है।

शुभ नक्षत्र-अश्विनी “क्षिप्र ” संज्ञक नक्षत्र पूर्वाह्न 10 बजकर 9 मिनट तक तत्पश्चात भरणी नक्षत्र रहेगा | अश्विनी नक्षत्र मे विवाह ,यात्रा,विद्या इत्यादि कार्य सिद्ध होते है। अश्विनी नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी ,सरल स्वाभाव वाला,साहसी,प्रसिद्ध ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है| अश्विनी नक्षत्र गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र है अतः इस नक्षत्र मे जन्मे जातको को मूल शांति करवा लेनी चाहिये।
चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन मेष राशि में संचार करेगा |

व्रतोत्सव – गणगौर पूजन ,गौरी तृतीया ,मनोरथ तृतीया

राहुकाल – प्रातः 10.30 बजे से 12 बजे तक

दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से जौ खा कर निकले।

आज के शुभ चौघड़िये – सूर्योदय से पूर्वाह्न 11.01 तक लाभ ,अमृत का ,दोपहर 12.32 मिनट से  2.04 तक शुभ का, सायं 5.06 से सूर्यास्त तक चर का चौघड़िया

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