पंचांग 28 मार्च शनिवार

शुभ मास-चैत्र मास शुक्ल पक्ष
शुभ तिथि चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि रात्रि 12 बजकर 18 मिनट तक तत्पश्चात पंचमी तिथि रहेगी । चतुर्थी तिथि मे अग्नि,विषादिक असद कार्य,शत्रु मर्दन,इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है | शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित है | चतुर्थी तिथि मे जन्मे जातक धनवान, बुद्धिवान ,भाग्यवान ,पराक्रमी  होते है।

भरणी  “उग्र-अधोमुख” संज्ञक नक्षत्र दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक तत्पश्चात कृतिका “मिश्र व अधोमुख ” संज्ञक नक्षत्र रहेगा | भरणी नक्षत्र मे उग्र व  अग्निविषादिक कार्य,कुंआ-बावड़ी,बोरिंग ,कृषि इत्यादि कार्य सिद्ध होते है । भरणी नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक सत्यवादी,सुमार्ग पर चलने वाला ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है | इनका भाग्योदय प्राय 25 वर्ष कि उम्र के बाद होता है
चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन मेष राशि में संचार करेगा |

व्रतोत्सव – बूढ़ी गणगौर,विनायक चतुर्थी व्रत

राहुकाल – प्रातः 9 बजे से 10.30 बजे तक

दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा मे दिशाशूल रहता है । यात्रा को सफल बनाने लिए घर से अदरक या उरद दाल खा कर निकले ।

आज के शुभ चौघड़िये – प्रातः 7.57 मिनट से प्रातः 9.29 मिनट तक शुभ ,दोपहर 12.32 मिनट से सायं 5.07 तक चर,लाभ,और अमृत  का चौघड़िया

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