पंचांग 29 मार्च रविवार

शुभ मास-चैत्र मास शुक्ल पक्ष
शुभ तिथि पंचमी पूर्णा संज्ञक तिथि रात्रि 2 बजकर 2 मिनट तक  तत्पश्चात षष्ठी तिथि रहेगी । पंचमी तिथि मे  सभी शुभ और मांगलिक कार्य विवाह,उपनयन, वास्तु,प्रतिष्ठा इत्यादि कार्य शुभ होते है किन्तु ऋण देना शुभ नहीं माना  जाता है | पंचमी तिथि मे जन्मे जातक धनि, शौकीन, साहसी, बुद्धिवान,भाग्यवान, पराक्रमी  होते है।

कृतिका “मिश्र -अधोमुख” संज्ञक नक्षत्र दोपहर 3 बजकर 17 मिनट तक तत्पश्चात रोहिणी “ध्रुव-उर्ध्वमुख” संज्ञक नक्षत्र रहेगा | कृतिका नक्षत्र मे यथा आवश्यक अग्नि से सबंधित,कृषि इत्यादि कार्य सिद्ध होते है । कृतिका नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक सत्यवादी,सुमार्ग पर चलने वाला ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है | इनका भाग्योदय 29 वर्ष के बाद होता है
चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन वृषभ राशि में संचार करेगा |

व्रतोत्सव –  लक्ष्मी पंचमी ,श्री पंचमी

राहुकाल – सायंकाल 4.30 बजे से 6 बजे तक

दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से घी-दलिया खा कर निकले।

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