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Friday, May 14, 2021
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COVID Isolation: एक्सपर्ट से जानिए घर पर रहकर कोरोना की जांच और उपचार कैसे करें..

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भारत में कोरोना वायरस का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर चल रही है। जिससे एक दिन में करीब 3 लाख मामले दर्ज हो रहे है। और 2 हजार लोग अपनी जान चुके है। दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल, राजस्थान में सबसे ज्यादा केस दर्ज हो रहे है। सरकार जनता ये अपील कर रही है कि बिना काम घर से बाहर ना निकले। कई राज्य सरकारों ने तो लॉकडाउन भी लगा दिये है। बाजार में कुछ लोग ऐसे मिलेंगे तो जो मास्क को भी एकबोझ समझते है। मास्क भी नहीं लगाना चाहते है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी है जो सही मायने में कोरोना के प्रति जागरूक है। वो घर से बाहर भी नहीं निकलना चाहते है। ऐसे में अगर यदि कोरोना के हल्के लक्षण महसुस हो रहे है तो घर पर क्या करे और हॉस्पिटल के चक्कर लगाने से बचना चाह रहे है तो क्या करें।आइयें जानते है कि  यदि कोरोना हो जाता है तो घर पर कैसे रखे ख्याल..

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  1. जब किसी व्यक्ति को लगता है कि वह कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आया है या किसी तरह से वायरस के संपर्क में आया है, या उसे बुखार, सिरदर्द, गले में खराश, गंध या स्वाद में कमी जैसे लक्षण अनुभव होते हैं तो उसे सबसे पहले खुद को आइसोलेट कर लेना चाहिए। इस दौरान लोगों से मिलने-जुलने से बचना चाहिए। जितना हो सके आराम करें और पौष्टिक खाना खाएं।रात को अच्छी नींद लें। इस अवधि के दौरान यह सलाह दी जाती है कि जो कोई भी मेडिकल एक्सपर्ट नहीं है उसकी मदद न लें।
  2. अगर आपको कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे है तो आरटी-पीसीआर टेस्टिंग के लिए सुविधाजनक नजदीकी केंद्र में जाना चाहिए और ऐसा करते समय कोरोना नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। जब तक आपकी रिपोर्ट नहीं आती है तब तक दूसरों से दूरी बनाये रखें। लेकिन ऐसा सिर्फ तभी किया जा सकता है जब घर में एक अलग कमरा हो और उसमें अटैच टॉयलेट हो। सेल्फ आइसोलेशन के दौरान अपने कपड़े और जरूरी इस्तेमाल की चीजें अलग रखें। कपड़ों को धोने से पहले अलग से ब्लीच करना न भूलें। परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में हमेशा मास्क पहने रहें। परिवार में किसी बड़-बुजुर्ग के संपर्क में ना आए।
  3. पेट के बल कम से कम दो घंटे तक सोने की कोशिश करें और गहरी सांसें लें। सेल्फ-आइसोलेशन में आप हॉबीज भी पूरी कर सकते हैं। जितना हो सके पानी पीजिए और मौसमी फल खाइए। अगर आप योगा करते हैं, तो ये आपके दिमाग को शांत रखने में मदद करेगा। इस दौरान अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर से लगातार फोन पर संपर्क बनाए रखें। आरोग्य सेतु ऐप पर अपने हेल्थ की अपडेट देते रहिए। जितना हो सके नेगेटिव खबरों से दूर रहिए। अच्छा सोचिए।

4. अगर आपकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, तो आप ESR, CRP, TC, DC, फेरिटिन, डी-डीमर कराएं। चिकित्सक की सलाह से दवाएं ले। इसके साथ ही परिवार के बाकी सदस्यों का भी टेस्ट जरूर कराएं। जिसके भी आप संपर्क में आए है उससे भी कोरोना टेस्ट करवाने को कहें।

5.अगर आपके टेस्ट वैल्यूज नॉर्मल हैं और आपमें कोरोना के हल्के लक्षण हैं, तो आप घर पर ही इलाज कराएं। लेकिन इस दौरान भी लगातार अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर से फोन से संपर्क बनाए रखें और उनके बताए निर्देशों का पालन करें।

6. अगर आप कोरोना संक्रमित हैं तो नियमित तौर पर योगा करें। आप कमरे में ही रस्सी कूद, या ट्रेडमिल, प्राऩायाम,अनुलोम-विलोम कर सकते हैं। अगर आपको शरीर में दर्द है तो ज्यादा व्यायाम न करें। आप टहल सकते हैं। सांस से जुड़े व्यायाम इस दौरान रोजाना करना चाहिए। अगर आप योग करते हैं तो उससे भी फायदा होगा

7. तीसरे दिन से किसी को घर पर अधिक महत्वपूर्ण टेस्टिंग की जरूरत होती है। इसका सबसे कारगर उपाय 6 मिनट का वॉक टेस्ट है। एक ऑक्सीमीटर के साथ अपने ऑक्सीजन स्तर को मापे। इस दौरान आदर्श ऑक्सीजन लेवल 96 से 100 आना चाहिए। इसके बाद आप 6 मिनट का वॉक टेस्ट करें।फिर अपने ऑक्सीजन स्तर को दोबारा नापें। अगर ऑक्सीजन का स्तर 5 से अधिक अंक गिर जाता है तो कोरोना आपके सांस पर भी असर डाल रहा है। आपको अस्पताल में देखभाल की जरूरत है।

8. व्यायाम करने के अलावा अपनी नाड़ी, तापमान, श्वसन दर, ऑक्सीजन और रक्तचाप को आठ घंटे के अंतराल पर जांचते रहिए। अगर आपको शुगर है तो दिन में दो बार रक्तचाप की जांच करें और अपनी दवा समय से लें। आठ घंटे की नींद और न्यूनतम दो घंटे की स्थिति वाली नींद को जारी रखें।

9. अगर आपके नाड़ी की दर 100 से ज्यादा है। तापमान तीन दिनों से अधिक समय तक 100 से ऊपर रहता है और आपको एक गंभीर सिरदर्द या लगातार दस्त हो रहे हैं तो खतरे की घंटी है। आपको अस्पताल जाने की जरूरत है। अगर सीआरपी 10 से ऊपर है, लिम्फोसाइट 20 प्रतिशत से कम है, फेरिटिन और डी-डिमर उच्च हैं या यदि आपके पास बेकाबू चीनी, उच्च रक्तचाप, गुर्दे की बीमारी या मोटापा है, तो यह भी एक बुरा संकेत है।

10. ऐसी स्थिति में भी आपको घबराना नहीं चाहिए। अगर आप अस्पताल में भर्ती हो गए हैं, तो रेमेडेसिविर प्राप्त करने या अपने ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाने के लिए बेवजह कोशिश न करें। हर किसी को इन चीजों की जरूरत नहीं है। वास्तव में केवल 10 – 15 प्रतिशत को इसकी जरूरत है और अगर आप उनमें से एक हैं, तो आपका डॉक्टर निश्चित रूप से इसे लिखेगा। इसलिए घबराए नहीं।

11. सभी बेसलाइन इंवेस्टिगेशन करने के बाद पांच दिन बाद आपको फिर से कोरोना टेस्ट कराना है। इसमें CRP का बढ़ना एक खतरे का संकेत हैं। जब तक आप दोबारा से नेगेटिव नहीं हो जाते, आपको सेल्फ आइसोलेशन में रहना है। अगर आप अस्पताल में हैं तो डॉक्टर की सलाह का पालन करें।

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साभार - ऐसे भी जाने सत्य

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