Father’s Day 2021: कब मनाया जाएगा इस वर्ष का फादर्स डे, और क्या है इसका इतिहास - Naya India
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Father’s Day 2021: कब मनाया जाएगा इस वर्ष का फादर्स डे, और क्या है इसका इतिहास

फादर्स डे जून के तीसरे रविवार को मनाया जाता है। वैसे तो माता-पिता के लिए हर दिन खास होते है। पिता हमारे जीवन और परिवार की रीढ़ की हड्डी होता है। इसी के सहारे पूरा परिवार खुश रहता है। और हमारा जीवन सफल बनता है। वैसे तो माता-पिता को ध्नयवाद बोलने का कोई दिन नहीं होता है जब मन हो जाकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त कर सकते है। लेकिन हम कोई गलती करते है उनसे तेज बोल देते है ऐसी कई गलतियों को माता-पिता बिना कहें माफ कर देते है। लेकिन कुछ खास दिन होते है जिन पर हम उन्हें धन्यवाद कह सकते है, माफी मांग सकते है, अनके प्रति सम्मान व्यक्त कर सकते है। पिता के बलिदानों और उनके प्रेम, बच्‍चों के पालन-पोषण में निभाई जाने वाली अहम भूमिका होती है। सभी बच्चों द्वारा यह दिन उत्साह के साथ मनाया जाता है। बच्‍चों के जीवन में पिता की भूमिका अहम होती है। पिता अपने बच्‍चों के आदर्श होने के साथ उनके रक्षक भी होते हैं। उनकी सरपरस्‍ती बच्‍चों को सुरक्षा का एहसास कराती है।

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20 जून को  father’s day

इस बार फादर्स डे जून के तीसरे रविवार को यानी 20 जून को मनाया जाएगा। यह दिन पिता के महत्‍व को दर्शाता है और इस खास दिन बच्‍चे पिता के प्रति सम्‍मान प्रकट करते हैं। हर बच्‍चे के लिए पिता हीरो होते हैं। उनके आदर्श होते है। यही वजह है कि इस दिन को बच्‍चे खास अंदाज में जश्न मनाते हैं। कोई इस दिन पर अपने पिता के साथ समय बिता कर मनाता है, तो कोई इस खास मौके पर अपने पिता से केक कटवाता है और पिता को तोहफे देकर मनाते हैं। वैसे तो इस खास दिन कुछ लोग घूमने आदि का प्रोग्राम भी बनाते हैं। पूरे परिवार के साथ घूमने का प्रोग्राम मनाता है। लेकिन कोरोना के खतरे को देखते हुए इस बार लगबग सभी लोग अपने घर पर ही father’s day मनाएंगे। लॉकडाउन में मिली छूट के साथ जनता बाहर निकलने लगी है। लेकिन संक्रमण के खतरे को देखते हुए सभी घर पर ही रहने वाले है।

father’s day का महत्व

जीवन में माता और पिता का खास महत्व होता है। किसी एक को भी कम नहीं माना जात। पिता का बलिदान बच्चों के लिए खास होता है। पिता अपने सपने पीछे रख कर बच्चों के सपने पूरे करता है। पिता हमारे जन्मदाता और पालन पोषण करने वाले हैं। बच्‍चों के उज्‍जवल भविष्य की नींव रखने में पिता की अहम भूमिका होती है। पिता का सपना ही बच्‍चों के बेहतर भविष्‍य की कामना होता है। इसके लिए वे कितने ही जतन करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि पिता बहुत मजबूत होता है और मां रो कर अपना दर्द बयां कर देती है। लेकिन पिता पुरे परिवार को संबालने वाला होता है। बहरहाल, पिता के महत्व को चंद शब्दों में नहीं बताया जा सकता है।

जानिए फादर्स डे का इतिहास

फादर्स डे क्‍यों मनाया जाता है इसको लेकर इतिहासकार एक मत नहीं हैं। कुछ का कहना है कि पहली बार फादर्स डे 1907 में वर्जीनिया में मनाया गया।वहीं कुछ का मानना है कि फादर्स डे सबसे पहले 19 जून 1910 को वाशिंगटन में मनाया गया। वहीं कहा जाता है कि1924 में अमेरिकी राष्ट्रपति कैल्विन कोली ने फादर्स डे पर अपनी सहमति दी। इसके बाद 1966 में राष्ट्रपति लिंडन जानसन ने जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाने की आधिकारिक घोषणा की थी। तब से ही यह जून के तीसरे रविवार को मनाया जाने लगा।

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