हर्बल दवाओं को प्रोत्साहित करने वाले सम्मानित

नई दिल्ली। हर्बल दवाओं पर शोध और उन्हें बढ़ावा देने के लिए सोसायटी फॉर एथेनोफार्माकालॉजी (एसएफई) ने शनिवार को कई लोगों को सम्मानित किया है। शनिवार से शुरू हुए इस तीन दिवसीय सम्मेलन में अमेरिका, जापान, जर्मनी समेत करीब 40 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में रविवार और सोमवार को कई शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। परंपरागत दवाओं को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की कसौटी पर परखने, मौखिक ज्ञान के दस्तावेजीकरण करने आदि मुद्दों पर चर्चा होगी।

इस कार्यक्रम का शुभारंम केंद्रीय आयुष मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रमोद पाठक ने शिकरत की और उनका संदेश पढ़ा। कार्यक्रम के पहले दिन सोसायटी की तरफ से अपने राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय पुरस्कारों का ऐलान किया गया। सोसायटी की सातवीं इंटरनेशनल कांग्रेस के पहले दिन शनिवार को जैव प्रौद्यौगिकी विभाग की पूर्व सचिव डां. मंजू शर्मा, लखनऊ स्थित सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट और नई दिल्ली स्थित एमिल फार्मास्युटिकल को सम्मानित किया गया। एसएफई लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड जैव प्रौद्यौगिकी विभाग की पूर्व सचिव मंजू शर्मा तथा सीडीआरआई के निदेशक डा. नित्या आनंद को प्रदान किया गया।

इंटरनेशनल एथेनोफार्माकोलॉजी आउटस्टैंडिंग अवार्ड अमेरिकन हर्बल फार्माकोपिया के संस्थापक डा. राय उपटोन को प्रदान किया गया। आउटस्टैंडिंग नेशनल अवार्ड डा. तनुजा नेसारी तथा हर्बल दवाओं को बाजार में उतारने के लिए हर्बल इंडस्ट्री लीडर अवार्ड एमिल फार्मास्युटिकल के निदेशक के. के. शर्मा को प्रदान किया गया। इसके अलावा डा. मोहम्मद असलम को झंडू अवार्ड, प्रोफेसर एस. एच. अंसारी को आउटस्टैंडिग सर्विस अवार्ड एवं टी. सेन को ओरेशन आवर्ड प्रदान किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares