nayaindia Shradh Pitru Paksha अनूठा श्राद्ध महोत्सव
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अनूठा श्राद्ध महोत्सव

कोटा। राजस्थान के कोटा में पितृ पक्ष (Pitru Paksha) के दौरान एक अनूठा श्राद्ध (Shradh)-श्रद्धांजलि महोत्सव आयोजित किया जाता है। सामाजिक संगठन कर्मयोगी सेवा संस्थान द्वारा 23 सालों से 16 दिन तक लगातार विधि-विधान के साथ सभी दिवंगत प्राणियों की आत्माओं की शांति के लिए तर्पण एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
श्री कर्मयोगी सेवा संस्थान श्राद्ध पक्ष में देश के समग्र विकास एवं जनहित में लोक कल्याणकारी कार्य करने वाले सभी प्राणियों को समर्पित करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए यह कार्यक्रम आयोजित करता है और श्राद्ध पक्ष के अंतिम दिन सामूहिक भोज का आयोजन करके सभी दिवंगत आत्माओं को विदाई दी जाती है। इस दिन नवरात्रि के आगमन की पूर्व संध्या पर 404 मुखी दीपकों से उनसे 1600 से ज्योति प्रज्ज्वलन करते हुए देश-दुनिया की खुशहाली एवं शांति की कामना के साथ दीप महायज्ञ का आयोजन किया जाता है।
इस कार्यक्रम के आयोजक कर्म योगी सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष राजाराम जैन कर्मयोगी और संयोजिका अलका दुलारी जैन कर्मयोगी ने बताया कि इस समूचे आयोजन का मुख्य मकसद सभी सभी दिवंगत आत्माओं की शांति के साथ-साथ वर्तमान पीढ़ी को मानव कल्याण के लिए समर्पित रहे इन प्राणियों के सद्कार्यो के बारे में जानकारी देते हुए प्रेरित करना है।
श्री राजाराम ने बताया कि इस आयोजन के पहले दिन रविवार को एकदम श्राद्ध पर आठ दिसंबर 2021 को हेलीकॉप्टर दुर्घटना में दिवंगत थल सेना अध्यक्ष और देश के पहले चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टाफ़ विपिन रावत, उनकी पत्नी श्रीमती मधुलिका रावत सहित देश की सीमाओं पर नागरिकों की रक्षार्थ शहीद हुए सभी सैनिकों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध किया जबकि सोमवार को सभी जलचर थलचर नभचर जीवो की आत्मा शांति के लिए द्वितीय का श्राद्ध किया गया।
इसी क्रम में 13 सितंबर को कानून की रक्षार्थ शहीद हुए पुलिस के जवानों- अधिकारियों का श्राद किया जा रही है जबकि 14 सितंबर को न्याय की रक्षार्थ जीवन को समर्पित करने वाले सभी न्यायिक अधिकारियों-अधिवक्ताओं, 15 सितंबर को प्राकृतिक आपदाओं, मानवीय भूलों से हुई अकाल काल का ग्रास बने दिवंगतों, 16 सितंबर को ऐतिहासिक लेकिन मानवीयता के खिलाफ सबसे क्रूर अपराध जलियांवाला बाग के दिवंगतों सहित देश के स्वतंत्रता संग्राम के सभी सेनानियों और 17 सितंबर को अजन्मी (कन्या भ्रूण हत्या) कन्याओं की आत्माओं की शांति के लिए श्राद्ध किया जाएगा।
श्री राजाराम ने बताया कि 18 सितंबर को आतंकवाद, धार्मिक, सांप्रदायिक, जातीय-राजनीतिक हिंसा के शिकार दिवंगतों, 19 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव कल्याण के लिए कार्य कर चुकी हस्तियों, 20 सितंबर को विश्व के सभी खिलाड़ियों, कलाकारों, चित्रकारों, लेखक-पत्रकारों, गीतकारों और कला-साहित्य सृजन से जुड़ी विभूतियों का श्राद्ध होगा।
इसी क्रम में 21 सितंबर को भारत के इतिहास में दर्ज अपनी आन के लिए सती होकर प्राण उत्सर्ग उत्सर्ग करने वाली नारियों सहित समस्त जगत को प्रेरणा प्रदान करने वाली महिलाओं, 22 सितंबर को दिवंगत साधु-संतों, 23 सितंबर को लावारिस व भुखमरी से काल के ग्रास बने दिवंगतों, 24 सितंबर को वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण असमय जग त्यागने वाले व्यक्तियों और 25 सितंबर को उन सभी व्यक्तियों का श्राद्ध किया जाएगा जिनका आर्थिक अभाव के कारण परिवारजन धार्मिक विधि-विधान से साथ श्राद्ध करने में असमर्थ रहे थे। इसी दिन आम भंडारा करके कर्मयोगी सेवा संस्थान सभी दिवंगत आत्माओं को विदा करेगा। (वार्ता)

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