प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता घटी

नई दिल्ली।  जल संकट हमारे देश में लगातार गहराते जा रहा है। शहरों के मुकाबले गांवों में तो यह हालत और भी खराब है। देश के कई इलाकों में लोगों को पीने का पानी के लिए कई किलोमीटर तक दूरी तय करनी पड़ती है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा गुरुवार को लोकसभा में जानकारी दी कि आने वाले दिनों में पानी का संकट और गहरा सकता है, क्योंकि प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता लगातार घटती जा रही है। लोकसभा में गुरुवार को इस संबंध में पेश एक आकलन के अनुसार, देश में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता बीते 20 साल में 18 फीसदी से ज्यादा घट चुकी है और आगे 2051 तक 32 फीसदी से ज्यादा कम हो जाएगी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा गुरुवार को लोकसभा में एक तारांकित सवाल के जवाब में दी गई जानकारी के अनुसार, 2001 में देश में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता 1,816 क्यूबिक मीटर थी, जो 2021 में घटकर 1,486 घन मीटर और 2051 में 1,228 घन मीटर रह जाएगी। इस प्रकार 2001 के मुकाबले 2021 में पानी की प्रति व्यक्ति उपलब्धता में 18.17 फीसदी और 2051 में 32.37 फीसदी की कमी आएगी।

असम के कालियाबोर संसदीय क्षेत्र से सांसद गौरव गोगोई द्वारा पूछे गए तारांकित सवालों के लिखित जवाब में जल शक्ति मंत्री ने बताया कि औद्योगीकरण व शहरीकरण के चलते देश के विभिन्न भागों में ताजा पानी का उपयोग बढ़ रहा है जबकि बारिश में कमी आई है जिससे भूजल स्तर लगातार घटता जा रहा है।

सांसद गोगोई ने बीते 20 साल में पानी की प्रति व्यक्ति उपलब्धता की जानकारी मांगी थी।

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