पाकिस्तान में वेतन और घटेगा तो भारत में बढ़ेगा

इस्लामाबाद। पाकिस्तान इस समय कंगाली के दौर से गुजर रहा है।

वहां मंहगाई आसमान छू रही है। लोग बेरोजगार हो रहे हैं और उद्योग—धंधे बर्बाद हो चुके है।

हालात इतनी खराब है कि इमरान खान कटोरा लेकर दूसरे देशों से मदद मांग रहे हैं।

हालांकि भारत में भी आर्थिक मंदी ने असर दिखाना शुरु कर दिया है।

जो आर्थिक रिपोर्ट अलग—अलग एजेंसियों से जारी हो रही है

उन सभी में देश की आर्थिक विकास दर में गिरावट की संभावना बताई गई है।

लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है और जिनके पास है उनकी नौकरी पर भी संकट खड़ा हुआ है।

ऐसे में भारत की आर्थिक स्थिति भी चिंताजनक कही जा सकती है

लेकिन उसकी तुलना पाकिस्तान से नहीं की जा सकती।

मोबिलिटी कंसल्टेंसी ईसीएल इंटरनेशनल ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें बताया गया है कि

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में पाकिस्तान इकलौता ऐसा देश होगा जिसके लोगों की

तन्खवाह में साल 2020 में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जाएगी।

दूसरी तरफ, भारत अगले साल वेतन में बढ़ोतरी के मामले में दुनिया में शीर्ष पर होगा।

ईसीएल इंटरनेशनल ने अपनी सैलरी ट्रेंड रिपोर्ट में कहा है कि बढ़ती महंगाई और रुपये के अवमूल्यन के कारण

साल 2020 में पाकिस्तानियों के वेतन में रिकार्ड गिरावट का अंदेशा है। पाकिस्तान में कर्मचारियों की तनख्वाह मौजूदा साल की तुलना में काफी कम हो जाएगी।

ईसीएल इंटरनेशनल के क्षेत्रीय निदेशक एशिया ली क्वेन ने कहा, “पाकिस्तान में वेतन में औसत बढ़ोतरी माइनस तीन फीसदी की होगी, यानी कर्मचारी बीते साल की तुलना में कम वेतन पाएंगे। जो मामूली बढ़ोतरी होगी, वह महंगाई के सामने दम तोड़ देगी जिसके कि अगले साल 13 फीसदी तक रहने का अनुमान है। यह ट्रेंड एशिया-प्रशांत के अन्य देशों, विशेष रूप से भारत में लागू नहीं होगा।”रिपोर्ट के अनुसार, भारत एशिया में औसत वेतन बढ़ोतरी के मामले में शीर्ष पर रहा है और साल 2020 में यह वैश्विक स्तर पर शीर्ष पर होगा। भारत में कर्मचारियों की औसत वेतन वृद्धि 5.4 फीसदी होगी जोकि हांगकांग में होने वाली वेतन बढ़ोतरी की तुलना में चार गुना अधिक होगी।

क्वेन ने कहा कि भारत में वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का अनुमान है। हालांकि, महंगाई 2019 की तुलना में 2020 में कुछ बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था में भी थोड़ी सुस्ती रहेगी, फिर भी कर्मचारी अधिक वेतन की उम्मीद भारत में कर सकते हैं।रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 में चीन में कर्मचारियों के वेतन में औसतन 3.6 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। जबकि ग्रेट ब्रिटेन में वेतन में कमी आएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares