• डाउनलोड ऐप
Saturday, May 15, 2021
No menu items!
spot_img

सीबीएसई की परीक्षाओं में आंतरिक मूल्यांकन के अंक जुड़ेंगे

Must Read

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं एवं 12वीं कक्षा के लिये सभी विषयों में उत्तीर्ण होने के लिये अंकों की व्यवस्था (पैटर्न) में बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत जिन विषयों में प्रायोगिक परीक्षा नहीं होती है उनमें अब छात्रों के आंतरिक मूल्यांकन के अंक भी जोड़े जाएंगे।

बोर्ड ने तय किया है कि 10वीं कक्षा के छात्रों को उत्तीर्ण होने के लिये अब हर विषय में सैद्धांतिक और प्रायोगिक परीक्षा को मिलाकर 33 प्रतिशत अंक लाने होंगे जबकि 12वीं के छात्रों के लिये प्रायोगिक, सैद्धांतिक परीक्षा के साथ ही आंतरिक मूल्यांकन में भी अलग-अलग 33 फीसद अंक लाना जरूरी होगा।

बोर्ड छात्रों पर बोझ कम करने के लिये 10वीं कक्षा में मार्च 2020 को समाप्त सत्र से गणित विषय में दो स्तरीय परीक्षा भी लेने जा रहा है। सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘स्कूलों को पास अंक मानदंड की जानकारी उपलब्ध करा दी गई है और इस बारे में एक परिपत्र भी जारी किया गया है जिसमें विषयवार अंक और उसके हिसाब से पास करने के अंक का ब्यौरा दिया गया है।

इसे भी पढ़ें :- सिविल जज के पद की परीक्षा व परिणाम निरस्त

नए मानदंड के मुताबिक, 10वीं कक्षा में पास होने के लिए हर विषय में प्रायोगिक और सैद्धांतिक परीक्षा में मिलाकर 33 प्रतिशत अंक लाने होंगे, लेकिन 12वीं में ऐसा नहीं है। 12वीं कक्षा के छात्रों को पास होने के लिए प्रायोगिक, सैद्धांतिक पर्चे के साथ ही आंतरिक मूल्यांकन में अलग-अलग 33 फीसद अंक लाने होंगे । इसके तहत बोर्ड की 12वीं परीक्षा में 70 अंक वाले विषय में 23 अंक और 80 अंक वाले विषय में 26 अंक लाना अनिवार्य होगा। इतने अंक लाने के बाद ही परीक्षार्थी पास हो पाएंगे।

वहीं प्रायोगिक परीक्षा में 20 अंक में छह अंक लाना जरूरी हैं। सीबीएसई ने 2020 सत्र से सभी विषयों की अंक व्यवस्था में बदलाव किया है। अधिकारियों ने बताया कि जिन विषयों में प्रायोगिक परीक्षा नहीं होती है, उन विषयों में इस बार से आंतरिक मूल्यांकन की व्यवस्था की गई है। अधिकतर विषयों में आंतरिक मूल्याकन के तहत 20 अंक रखे गए हैं। वहीं प्रायोगिक परीक्षा 30 अंकों की होगी।

सीबीएसई इस बार से 10वीं कक्षा में मार्च 2020 को समाप्त हो रहे सत्र से गणित विषय में दो स्तरीय परीक्षा लेने जा रहा है। बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि इसके तहत एक परीक्षा स्टैंडर्ड गणित और दूसरी बेसिक गणित की होगी। उन्होंने बताया, ‘राष्ट्रीय पाठ्यचर्या 2005 के परीक्षा सुधार पर नेशनल फोकस ग्रुप के पत्र में कहा गया है कि छात्रों एवं स्कूलों को विषय चुनने संबंधी विकल्प की कुछ छूट होनी चाहिए जिसमें दो स्तरीय परीक्षा व्यवस्था हो। इससे छात्रों पर बोझ और तनाव कम होगा।

इसे भी पढ़ें :- फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले 30 शिक्षक बर्खास्त

उन्होंने बताया कि इसी के अनुरूप मार्च 2020 को समाप्त सत्र से 10वीं कक्षा में गणित विषय में दो स्तरीय परीक्षा लेने की बात कही गई है । दोनों स्तर की परीक्षा के लिये पाठ्यक्रम, कक्षा की पढ़ाई तथा आंतरिक मूल्यांकन समान रहेगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्टैंडर्ड परीक्षा उन छात्रों के लिये होगा जो उच्च माध्यमिक स्तर पर गणित विषय लेंगे जबकि बेसिक गणित परीक्षा उन छात्रों के लिये होगा लो उच्च स्तर पर गणित लेने के इच्छुक नहीं होंगे । बेसिक गणित के प्रश्न हल्के जबकि स्टैंडर्ड गणित के प्रश्न कठिन और कंसेप्ट आधारित रहेंगे।

सीबीएसई ने सभी विद्यालयों से 10वीं व 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाएं 16 से 30 दिसंबर तक कराने का निर्देश दिया है। प्री-बोर्ड परीक्षा के लिए बोर्ड की समयसारणी जारी कर दी गयी है। बोर्ड ने प्री-बोर्ड की परीक्षाएं विद्यालयों को दो पालियों में से किसी एक पाली में अपनी सुविधानुसार कराने का निर्देश दिया है। सुबह की पाली में सुबह 9.30 से दोपहर 12.30 बजे एवं शाम की पाली में दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराई जा सकती हैं। सभी विद्यालयों में अपलोड विषयवार सैंपल पेपर भी विद्यार्थियों से हल कराए जा रहे हैं, ताकि उन्हें परीक्षा के लिए तैयार किया जा सके।

- Advertisement -spot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

साभार - ऐसे भी जाने सत्य

Latest News

Rajasthan COVID Update: राजस्थान में राहत! बीते 48 घंटों में गिरी नए संक्रमितों की संख्या, लेकिन मौतें बरकरार

जयपुर। Rajasthan COVID Update: राजस्थान में सरकार की सख्ती और लोगों की जागरूकता का असर अब दिखने लगा है।...

More Articles Like This