बाद में भी परीक्षा दे सकेंगे छात्र

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से जो भी छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें परीक्षा देने का बाद में मौका मिलेगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने खुद इस बात को स्पष्ट किय है। उन्होंने विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया कि जो छात्र परीक्षा में किसी वजह से शामिल नहीं हो पाएंगे उन्हें बाद में परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाए। इस बीच दिल्ली सरकार ने अपने विश्वविद्यालयों की सारी परीक्षाएं रद्द करने का निर्देश जारी किया है।

असल में कॉलेज और विश्वविद्यालयों की परीक्षा को लेकर छात्रों और शिक्षकों की तरफ से लगातार तीखा विरोध हो रहा था। इसे देखते हुए निशंक ने ट्विट कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की सुविधा के आधार पर इन परीक्षाओं का कभी भी आयोजन कर सकते हैं। इससे पहले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, यूजीएसी ने देश भर में ग्रेजुएट और पोस्‍ट ग्रेजुएट की अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर गाइडलाइन जारी की थी। यूजीसी ने कहा था कि अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए सितंबर में परीक्षाएं आयोजित होंगी।

बहरहाल, शनिवार को किए गए सिलसिलेवार ट्विट में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा- यदि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित परीक्षा में टर्मिनल सेमेस्टर या अंतिम वर्ष का कोई भी विद्यार्थी उपस्थित होने में असमर्थ रहता है, चाहे जो भी कारण रहा हो, तो उसे ऐसे पाठ्यक्रम, प्रश्नपत्र के लिए विशेष परीक्षाओं में बैठने का अवसर दिया जा सकता है। कई राज्यों के अंतिम वर्ष की परीक्षाओं को लेकर यूजीसी के दिशा-निर्देशों का पालन करने से इनकार करने के बाद केंद्रीय मंत्री ने ट्विटर हैंडल के जरिए कई ट्विट किए।

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