ओडिशा का ‘सुपर 30’ मेडिकल की तैयारी करवाता है

भुवनेश्वर। ‘सुपर—30’ का नाम सुनते ही बिहार के आनंद कुमार का नाम याद आती है। उन पर ‘सुपर—30’ नाम की फिल्म भी बन चुकी है। आनंद कुमार इंजीनियरिंग की तैयारी करवाते है। अब ओडिसा में भी सुपर—30 जैसी पहल की गई है लेकिन यहां इंजीनियरिंग के बजाय मेडिकल की तैयारी करायी जाती है। ‘‘जिन्दगी’’ नाम की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के सपनों को साकार करने का काम कर रही है, उनकी उड़ान को पंख दे रही है।

एक गैर-सरकारी संगठन द्वारा संचालित इस अद्भुत कार्यक्रम के तहत मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कराने के लिए सब्जी विक्रेताओं, मछुआरों और गरीब किसानों जैसे समाज में हाशिये पर पड़े लोगों के बच्चों को चुना जाता है।इस पहल को शुरू करने की कहानी के पीछे जो शख्स है, उनका नाम है- अजय बहादुर सिंह। उन्हें अपने परिवार की आर्थिक तंगी के कारण अपनी मेडिकल की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी थी और परिवार का पेट भरने के लिए चाय और शर्बत बेचना पड़ा था।

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में वर्ष 2016 में शुरू किया गया जिंदगी कार्यक्रम वर्तमान में 19 मेधावी छात्रों को मेडिकल की तैयारी करवा रहा है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आये हुए हैं, जिनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं।इस कार्यक्रम के तहत, एक राज्य स्तरीय परीक्षा के माध्यम से गरीब पृष्ठभूमि के चयनित प्रतिभाशाली छात्रों को डॉक्टर बनने में मदद करने के लिए शिक्षा दी जाती है, जिन्हें मुफ्त भोजन, आवास और अन्य तमाम सुविधाएं प्रदान की जाती है।

इसके चौदह छात्रों ने 2018 में नीट में सफलता पायी थी, जिनमें से 12 को ओडिशा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिला है, जिनकी उपलब्धियों के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने जुलाई में उन्हें सम्मानित किया था।

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