राशिफल 27 अक्टूबर रविवार

वृष लग्र ( सायं 6-53 मिनट से रात्रि 8-50  मिनट ) -सामान्य  गृहस्थ, किसान, सेवाकर्मी, सोंदर्य प्रसाधन विक्रेता एवं निर्माता, वस्त्र व्यवसायी, अनाज व्यापारी, वायदा एवं शेयर बाजार वाले, व्यवसायी(दुकानदार, मार्केटिंग-फाइनेंस), होटल मालिक, अध्यापक, लेखक, एकाउंटेंट, चार्टर्ड एकाउंटेंट, बैंककर्मी, प्रशासनिक अधिकारी एवं नौकरी-पेशा लोग।
सिंह लग्र (मध्यरात्रि बाद  रात्रि 01-23 मिनट से रात्रि 3-39 मिनट तक ) -जज, वकील एवं न्यायालय से संबंधित व्यक्ति, पुलिस विभाग, डॉक्टर, कैमिस्ट, वैद्य, दवा निर्माता, इंजीनियर, पायलेट, सेना, उद्योगपति (कारखानेदार), ठेकेदार, हार्डवेयर व्यवसायी।
इन शुभ लग्नों में किया गया कोई भी शुभ कार्य स्थाई होता है। आप इस का ध्यान रखे और लाभ उठाये।
आइये अब जान लेते है लक्ष्मी पूजन की सरल विधि   …..
दीपावली के दिन शुभ मुहूर्त में घर में या दुकान में, पूजा घर मे उत्तर दिशा की तरफ मुख करके बैठ जाये .पूजन के लिये दिन के समय पूर्व की तरफ और रात के समय उत्तर दिशा की और मुख करके बैठना चाहिए . ।  उत्तर दिशा की तरफ मुख गर्म कपड़े से बने आसन पर बैठ जाये और आचमन और प्राणायाम करके अपने सम्मुख एक चौकी या बजोट रख कर उस पर लाल वस्त्र बिछाकर केसर से स्वस्तिक बना दे . हल्दी पाउडर से रंगे पीले चावलों से अष्टदल बनाकर उसपर भगवन गणेश जी की सोने या चांदी की प्रतिमा या मनमोहक तस्वीर की स्थापना कर दे. भगवान गणेश जी के दाहिने तरफ माँ लक्ष्मी जी की सोने की या चांदी की मूर्ति या मनमोहक चित्र स्थापित करें दे, चित्र को पुष्पमाला पहनाएं। श्री महालक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर के पास ही किसी पवित्र पात्र में केसर युक्त चन्दन से अष्टदल कमल बनाकर उस पर द्रव्य-लक्ष्मी अर्थात रुपयों को भी स्थापित कर दे . ध्यान रखे की माँलक्ष्मी की पूजा के साथ द्रव्य लक्ष्मी की पूजा भी एक साथ करनी चाहिये।एक पात्र मे 5 हल्दी की गाठे , साबुत धनिया ,कमल गट्टा , अक्षत,दूर्वा और कुछ द्रव रख कर उसके चौकी पर रख दे.इसके पश्चात धूप, अगरबती और 5 दीप शुध्द घी के और अन्य दीप तिल के तेलसे प्रज्वलित करें। जल से भरा कलश भी चौकी पर रखें। कलश में मौली बांधकर रोली से स्वास्तिक का चिन्ह अंकित करें। तत्पश्चात श्री गणेश जी को, फिर उसकेबाद माँ लक्ष्मी जी को तिलक करें और पुष्प अर्पित करें। इसके पश्चात हाथ में पुष्प, अक्षत, सुपारी, सिक्का और जल लेकर भगवानगणेश जी, महा लक्ष्मी और कुबेर देव सहित सभी देवी देवताओ की पूजा का संकल्प करें। उनका आवहान करे. भगवान गणेश जी और माँ लक्ष्मी की प्रतिमा की प्रतिष्ठाकर उनका षोडशोपचार पूजन करे उसके पश्चात नवग्रह पूजन , षोडश मातृका और कलश पूजन करके प्रधान पूजा मे माँ लक्ष्मी का पूजन करे .धुप, दीप , नैवैध अर्पण करे. पान सुपारी दक्षिणा आदि अर्पण करे.
इसके पश्चात आप तिल्ली के तेल मे या शुद्ध घी मे सिंदूर मिलकर आप अपने घर के मुख्यद्वार पर और अपने व्यापार स्थल के बाहर ॐ श्री गणेशाय नम: , स्वस्तिक का चिन्ह , शुभ लाभ आदि लिखे और उनकी ॐ देहली विनायकाय नम: मन्त्र से  गंध, पुष्पादी से पूजन करे.
इसी प्रकार अब आप स्याही युक्त दवांत की पूजा करे.उस पर केसर से स्वस्तिक बना दे और उसपर मोली लपेट दे . ॐ श्रीमहा काल्ये नम: से गंध, पुष्पादी से पूजन करे.
अब आप लेखनी पूजन करे अर्थात आप लिखने के पेन इत्यादि पर मोली बाँध करॐ लेखनी स्थाये देव्ये नम: मन्त्र सेगंद , पुष्पादी से पूजन करे.
अब आप अपने बही खातो की पूजा करे. उसमे केसर से स्वस्तिक बनाये और ॐ श्री सरस्वत्ये नम: मन्त्र से गंध, पुष्पादीसे पूजा करे.
इसके बाद आप अपनी तिजोरी की की पूजा करे. तिजोरी मे केसर से स्वस्तिक काचिन्ह बना कर भगवान कुबेर काआव्हान करे और ॐ कुबेराय नम :मन्त्र का से गंध, पुष्पादी से पूजन करे. धुप दीप और नैवैध अर्पण करे . और पूजा मे राखी हुई5 हल्दी की गाठे, साबुत धनिया, कमल गट्टा इत्यादि अपनी तिजोरी मे रख दे .
इसी प्रकार गंध, पुष्पादी से तुला पूजन करे.इसके बाद दीपमालिका पूजन करे . इसके लिए किसी पात्र में 11, 21 या उससे अधिक दीपों को प्रज्वलित कर महालक्ष्मी के समीप रखकर उस दीप-ज्योति का “ॐ  दीपावल्यै नमः” मंत्र से गन्धादि उपचारों द्वारा दीपक का पूजन करे |दीपमालिकाओं का पूजन कर अपने आचार के अनुसार संतरा, ईख, पानीफल, धानका लावा इत्यादि पदार्थ चढाये। धानका लावा (खील) भगवान श्री गणेश को , श्री महालक्ष्मी को, कुबेर देवता को  तथा अन्य सभी देवी देवताओं को भी अर्पित करे। अन्तमें अन्य सभी दीपकों को प्रज्वलित कर सम्पूर्ण गृह को दीपकों अलन्कृइत करे।अब आप भगवान श्री गणेश , माता श्री महा लक्ष्मी और भगवान जगदीश्वर की आरती पूरे परिवार सहित करें। उसके बाद अपनी मनोकामना का ध्यान करते हुए , अपनी दरिद्रता को दूर करने की प्रार्थना करते हुए पुष्पान्जलि अर्पित करें, छमा प्रार्थना करें। और अपने धन मे वृधि , अन्न मे वृधि , वंश मे वृद्धि, सुख-ऐश्वेर्य मे वृद्धि की मंगल कामना करे.पूजन के अन्तमें हाथमें अक्षत लेकर नूतन गणेश एवं महा लक्ष्मी की  प्रतिमा को छोडकर अन्य सभी आवाहित, प्रतिष्ठित एवं पूजित देवताओं को अक्षत छोडते हुए विसर्जित करे| ध्यान रखे की दीपावली की रात को मंदिर, तुलसी माता, पीपल आदि के पास दीपक जलाना सभी संकटों से मुक्ति दिलाता है और महा लक्ष्मी पूजा में तिल का तेलका उपयोग ही श्रेष्ठ होता  है | अभाव में सरसों का इस्तमाल कर सकते है|
दीपावली के कुछ  चमत्कारी उपायों को जिनको करके आप कर सकते है माँ लक्ष्मी को प्रसन्न
1. दीपावली पर लक्ष्मी पूजन में हल्दी की गांठ भी रखें। पूजन पूर्ण होने पर हल्दी की गांठ को घर में उस स्थान पर रखें, जहां धन रखा जाता है।
2. दीपावली के दिन यदि संभव हो सके तो किसी किन्नर से उसकी खुशी से एक रुपया लें और इस सिक्के को अपने पर्स में रखें। बरकत बनी रहेगी।
3. दीपावली के दिन घर से निकलते ही यदि कोई सुहागन स्त्री लाल रंग की पारंपरिक ड्रेस में दिख जाए तो समझ लें आप पर महालक्ष्मी की कृपा होने वाली है। यह एक शुभ शकुन है। ऐसा होने पर किसी जरूरतमंद सुहागन स्त्री को सुहाग की सामग्री दान करें।
4. दीपावली की रात में लक्ष्मी और कुबेर देव का पूजन करें और एक मंत्र का जप कम से कम 108 बार करें।
मंत्र: ऊँ यक्षाय कुबेराय वैश्रववाय, धन-धान्यधिपतये धन-धान्य समृद्धि मम देहि दापय स्वाहा।
5. दीपावली पर लक्ष्मी पूजन के बाद घर के सभी कमरों में शंख और घंटी बजाना चाहिए। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा और दरिद्रता बाहर चली जाती है। मां लक्ष्मी घर में आती हैं।
6. महालक्ष्मी के पूजन में गोमती चक्र भी रखना चाहिए। गोमती चक्र भी घर में धन संबंधी लाभ दिलाता है।
7. दीपावली पर तेल का दीपक जलाएं और दीपक में एक लौंग डालकर हनुमानजी की आरती करें। किसी मंदिर हनुमान मंदिर जाकर ऐसा दीपक भी लगा सकते हैं।
8. रात को सोने से पहले किसी चौराहे पर तेल का दीपक जलाएं और घर लौटकर आ जाएं। ध्यान रखें पीछे पलटकर न देखें।
9. दीपावली के दिन अशोक के पेड़ के पत्तों से वंदनद्वार बनाएं और इसे मुख्य दरवाजे पर लगाएं। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाएगी।
10. किसी शिव मंदिर जाएं और वहां शिवलिंग पर अक्षत यानी चावल चढ़ाएं। ध्यान रहें सभी चावल पूर्ण होने चाहिए। खंडित चावल शिवलिंग पर चढ़ाना नहीं चाहिए।
11. अपने घर के आसपास किसी पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं। यह उपाय दीपावली की रात में किया जाना चाहिए। ध्यान रखें दीपक लगाकर चुपचाप अपने घर लौट आए, पीछे पलटकर न देखें।
12. यदि संभव हो सके तो दीपावली की देर रात तक घर का मुख्य दरवाजा खुला रखें। ऐसा माना जाता है कि दिवाली की रात में महालक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों के घर जाती हैं।
13. महालक्ष्मी के पूजन में पीली कौड़ियां भी रखनी चाहिए। ये कौडिय़ा पूजन में रखने से महालक्ष्मी बहुत ही जल्द प्रसन्न होती हैं। आपकी धन संबंधी सभी परेशानियां खत्म हो जाएंगी।
14. दीपावली की रात लक्ष्मी पूजा करते समय एक थोड़ा बड़ा घी का दीपक जलाएं, जिसमें नौ बत्तियां लगाई जा सके। सभी 9 बत्तियां जलाएं और लक्ष्मी पूजा करें।
15. दीपावली की रात में लक्ष्मी पूजन के साथ ही अपनी दुकान, कम्प्यूटर आदि ऐसी चीजों की भी पूजा करें, जो आपकी कमाई का साधन हैं।
16. लक्ष्मी पूजन के समय एक नारियल लें और उस पर अक्षत, कुमकुम, पुष्प आदि अर्पित करें और उसे भी पूजा में रखें।
17. दीपावली के दिन झाड़ू अवश्य खरीदना चाहिए। पूरे घर की सफाई नई झाड़ू से करें। जब झाड़ू का काम न हो तो उसे छिपाकर रखना चाहिए।
18. इस दिन अमावस्या रहती है और इस तिथि पर पीपल के वृक्ष को जल अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने पर शनि के दोष और कालसर्प दोष समाप्त हो जाते हैं।
19. प्रथम पूज्य श्रीगणेश को दूर्वा अर्पित करें। दूर्वा की 21 गांठ गणेशजी को चढ़ाने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। दीपावली के शुभ दिन यह उपाय करने से गणेशजी के साथ महालक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है।
20. दीपावली से प्रतिदिन सुबह घर से निकलने से पहले केसर का तिलक लगाएं। ऐसा हर रोज करें, महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी।
21. यदि संभव हो सके तो दीपावली पर किसी गरीब व्यक्ति को काले कंबल का दान करें। ऐसा करने पर शनि और राहु-केतु के दोष शांत होंगे और कार्यों में आ रही रुकावटें दूर हो जाएंगी।
22. महालक्ष्मी के पूजन में दक्षिणावर्ती शंख भी रखना चाहिए। यह शंख महालक्ष्मी को अतिप्रिय है। इसकी पूजा करने पर घर में सुख-शांति का वास होता है।
23. महालक्ष्मी के चित्र का पूजन करें, जिसमें लक्ष्मी अपने स्वामी भगवान विष्णु के पैरों के पास बैठी हैं। ऐसे चित्र का पूजन करने पर देवी बहुत जल्द प्रसन्न होती हैं।
24. महालक्ष्मी के मंत्र: ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद् श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मयै नम:,  इस मंत्र का जप करें। मंत्र जप के लिए कमल के गट्टे की माला का उपयोग करें। दीपावली पर कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप करें।
आप को दीपावली पर्व की मंगल कामनाये . माँ लक्ष्मी, भगवान गणेश ,भगवान कुबेर का आशीर्वाद आप पर बना रहे। मन की दरिद्रता, धन की दरिद्रता का नाश हो, धन का भंडार अन्न का भंडार, वंश मे वृद्धि, यश-कीर्ति मे वृद्धि हो,आप सब का कल्याण हो

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