सोनाली फोगाट अब चुनावी दंगल में

राजधानी दिल्ली की 75 फीसदी सीमा से जुड़े हरियाणा राज्य का देश की राजनीति में बहुत महत्व रहा है। इस राज्य ने न केवल हमारी राजनीति को ‘आयाराम गयाराम’ सरीखे जुमले दिए बल्कि एक मुख्यमंत्री द्वारा अपने मंत्रिमंडल समेत अपना दल बदल करा लेने की शुरुआत भी यही से हुई। एक समय था जबकि राज्य में महिलाओं की तुलना में पुरुषों की संख्या कहीं ज्यादा थी मगर बाद में संतुलन बिग़डा। बावजूद इसके इसी राज्य ने देश को सपना चौधरी से लेकर सोनाली फोगाट सरीखी चर्चित महिला दी जिन्होंने देश के अलग-अलग क्षेत्रों में काफी नाम कमाया व उनके मां-बाप को एक बेटी का अभिभावक होने पर गर्व महसूस करवाया। हाल ही में भाजपा टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ने वाली फोगाट सुर्खियो में हैं। वे वहां की बहुचर्चित जाट जाति से हैं।

5 मार्च 1998 को पैदा हुई सोनाली फोगाट हरियाणा के बालाली गांव की रहने वाली है। उसकी तीन बड़ी बहनों ने पहलवानी में नौ एशिया चैंपियनशिप जीती थी और आमीर खान ने उन पर दंगल फिल्म बनाकर देश भर में उन्हें चर्चित कर दिया। अगले साल 5 मार्च को महज 22 साल ही होने वाली इस युवती को दिवंगत भजनलाल के चुनाव क्षेत्र हरियाणा से अपना विधानसभा का उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने हंगामा खड़ा कर दिया है। 59 किलोग्राम वर्ग में फ्री स्टाइल कुश्तियां लड़ने वाली इस युवती ने वेनेसा कलादजिस्काया को पराजित कर तहलका मचा दिया था। यहीं नहीं वे प्रदेश की जानी-मानी टिकटॉप स्टार भी है। उन्हें फालो करने वाले लोगों की तादाद एक लाख से भी ज्यादा है। यही कारण है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के कारण भाजपा की उन पर नजर चली गई।

हरियाणा की चर्चित फोगाट बहनों में गिनी जाने वाली सोनाली फोगाट की बाकी सारी बहनें महिला पहलवान हैं। इनके नाम है- गीता, बबिता, प्रियंका, रीतू, विनेश और सोनाली। जहां गीता, बबिता, रीतू और संगीता सगी बहनें हैं, वहीं प्रियंका व विनेश को उनके चाचा महावीर सिंह फोगाट ने पाला-पोसा है जोकि देश के जाने-माने कुश्ती के कोच हैं।

इन बहनों के पिता की जमीन के झगड़े में हत्या हो गई थी व उनके चाचा ने ही पाला पोसा व भिवानी जिले के भवानी गांव में सबको कुश्ती सिखाई। गीता, बबिता व विनेश को कामवैल्थ खेलों में विभिन्न वर्ग प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक मिल चुका है। प्रियंका ने तो एशियन चैपिंयन में रजत पदक भी जीता था। रीतू को राष्ट्रीय चैपिंयनशिप में गोल्ड मैडल हासिल हुआ व सोनली को अपने आयु वर्ग में तमाम अंततराष्ट्रीय मैडल मिले। राष्ट्रीय स्तर पर फोगाट परिवार व बहनो को मिलने वाली प्रसिद्धि की वजह उन पर आमीर खान द्वारा फिल्म दंगल का बनाया जाना है।

जिस हरियाणा राज्य में बड़ी तादाद में भ्रूण हत्या के कारण महिलाओं की संख्या तेजी से घट रही हो। सरकार को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ सरीखा नारा देना पड़ रहा हो वहां की लड़कियों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में पदक प्राप्त करना बहुत बड़ी बात है। यह फिल्म बहनों गीता व बबिता व उन्हें खिलाड़ी बनाने में उनके पिता महावीर की भूमिका पर बनाई गई थी। महावीर सिंह भी कुश्ती के जाने माने खिलाड़ी है जोकि बाद में कुश्ती के कोच बने। उनकी सबसे छोटी औलाद दुष्यंत उनका बेटा है।

महावीर सिंह फोगाट जाने माने पहलवान व पदक विजेता मास्टर चंदगी राम के चेले रहे हैं। जब महिला कर्णम मल्लेश्वरी 2000 में दुनिया में आलंपिक पदक जीतने वाली महिला बनी तो उन्हें लगा कि जब एक महिला प्रधानमंत्री बन सकती है तो वह पहलवान क्यों नहीं बन सकती है? मास्टर चंदगी राम द्वारा अपनी बेटियों को कुश्ती तथा पहलवानी सिखाए जाने की घटना से भी वे काफी प्रभावित थे। मगर गांव वालों व उनकी पत्नी को लगता था कि शाट्स पहनने व बाल कटवाने वाले लड़को जैसी लडकियों से शादी कौन करेगा। अंततः उन्होंने गांव में पर्याप्त सुविधाएं न होने के कारण सोनीपत स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया केंद्र में उन्हें भर्ती करवाया।

भाजपा ने सोनाली फोगाट को दिवंगत भजनलाल के गढ़ माने जाने वाली आदमपुर विधानसभा सीट से उतारा है। जहां उनका मुकाबला भजनलल के बेटे व कांग्रेस के उम्मीदवार कुलदीप विश्नोई से होगा। वे करीब 6 साल पहले भाजपा में सक्रिय होकर उसकी महिला विंग की अध्यक्ष भी बन गई थी। इस सीट से भजनलाल आठ बार व कुलदीप बिश्नोई तीन बार विधायक रहे है।

हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान भाषण देने के बाद जब लोगों ने सोनाली की जनसभा में जोर से भारत माता की जय का नारा नहीं लगाया तो उन्होंने गुस्से में भरकर उन्हें पाकिस्तानी कहते हुए कहा कि जब आपको नारा लगाने में शर्म आती है तो आप लोग पाकिस्तान जा सकते हैं। शर्म आती है कि आप जैसे लोग हिंदुस्तान में रहते हैं। हालांकि जब विवाद बढ़ा तो उन्होंने लोगों से माफी मांग ली। अब देखना यह है कि 1.62 लाख से अधिक जाट मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में जाट और गैर-जाट आबादी का उनके प्रति क्या रूख रहता है। हालांकि सोनाली का कहना है कि मैं इस चुनाव को चुनौती नहीं मानती हूं।

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