अलीबाबा पर चला डंडा

अमेरिका में इंटरनेट की बड़ी कंपनियों गूगल और फेसबुक पर शुरू हुई कार्रवाई के बाद अब चीन की सबसे बड़ी इंटरनेट कंपनी पर चीन सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। गूगल और फेसबुक यूरोप में भी निशाने पर हैं। इन तीनों जगहों पर कार्रवाई का आधार समान है। आरोप लगा है कि इन कंपनियों ने बाजार पर अपना एकाधिकार कायम करने का प्रयास किया है। चीन में ये कदम उठाया जाना खास अहम इसलिए है, क्योंकि वहां पहली बार किसी देशी कंपनी पर ऐसी कार्रवाई की जा रही है। विकसित पश्चिमी देशों में एंटीट्रस्ट यानी एकाधिकार रोकने की प्रक्रिया लंबी और सशक्त है। लेकिन चीन में पहली बार ऐसा कानून 2008 में बना। वहां अलीबाबा जैसी कंपनियों की हैसियत आइकॉन जैसी रही है। लेकिन अब बाजार की प्रतिस्पर्धा सुरक्षित करने के लिए उस पर शुरू की गई कार्रवाई काबिल-ए-गौर है। इस पर दुनिया की निगाह रहेगी। चीन सरकार के बाजार विनियमन ने पिछले हफ्ते कहा कि उसने अलीबाबा के संदिग्ध एकाधिकार कार्य की जांच के आदेश दिए हैं।

बाजार नियामक ने कहा कि वह अलीबाबा की “दो में से एक चुनो” की नीति पर नजर रख रहा था। असल में अलीबाबा अपने पार्टनरों के साथ ऐसा समझौता करता है, ताकि वे प्रतिद्वंदी प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पाद नहीं बेच पाएं। यानी जो विक्रेता अलीबाबा के साथ व्यापार कर रहे हैं, वो किसी दूसरी कंपनी के साथ व्यापार नहीं कर सकते। नियामक ने कहा कि वह अलीबाबा की वित्तीय सेवा सहायक एंट समूह की निगरानी की प्रक्रिया भी शुरू करेगा। गौरतलब है कि पिछले महीने बीजिंग ने एंट समूह के 37 अरब डॉलर के आईपीओ को खारिज कर दिया था। एंट समूह ने अब कहा है कि वह विनियामक विभाग के सभी नियामक आवश्यकताओं का सख्ती से पालन करेगा। चीनी नेताओं ने कुछ समय पहले कहा था कि वे अब एकाधिकार विरोधी कदम को तेज कर देंगे। वे विशेष रूप से अलीबाबा और अन्य प्रमुख इंटरनेट कंपनियों के बारे में चिंतित हैं, जो वित्त और स्वास्थ्य देखभाल के बाजार में विस्तार कर रही हैं। चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के अखबार पीपुल्स डेली ने ताजा कार्रवाई को चीन के लिए इंटरनेट क्षेत्र में एकाधिकार-विरोधी निगरानी को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। साफ है कि जो हुआ है, वह सर्वोच्च राजनीतिक फैसले के तहत हो रहा है।

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