मोदीजी, मौका है, कर डालिए मन की सब!

वायरस के बहाने लोकतंत्र पर ताला लगाइए! यों भी आप इंदिरा गांधी से अधिक समर्थ, महान, समझदार हैं। जब बिना इमरजेंसी के ही आपने लोकतंत्र पर अघोषित लॉकडाउन बना रखा है तो सन् 2024 तक क्यों न वह सब कर डालें, जो आपके, हम हिंदुओं के, हिंदू लंगूरों के सपने हैं। मतलब भारत को बना डालिए हिंदू राष्ट्र। संविधान से हटे धर्मनिरपेक्ष और समाजवाद जैसे जुमले। गैर-हिंदुओं को घोषित किया जाए दूसरे दर्जे का नागरिक। भारत घोषित हो हिंदू राष्ट्र। हिंदुओं को ऐसी मजबूत-फौलादी राष्ट्रपति प्रणाली की सत्ता का अनुभव कराएं जो पुतिन-माओ-हिटलर के साझा अवतार रूप में हिंदू राजनीतिक दर्शन, हिंदू राज करने की कला की मिसाल बने। हां, कई हिंदुओं की बुद्धि की यह कामना पुरानी है कि यदि सुभाष चंद्र बोस, सरदार पटेल देश के मालिक बने होते तो देश की तस्वीर अलग होती। यदि देश का मालिक कोई फौलादी हिंदू बना होता, फौलादी शासन-फौलादी तानाशाही होती तो अनुशासित नागरिकों से हिंदुओं का भारत वैसा बनता जैसे चीन बना है। रूस है और हिटलर की राष्ट्रवादी, आर्य कमान में जर्मनी बना था।

इसलिए मोदीजी आप फौलादी ताकत प्राप्त करने का जनमत संग्रह कराएं। मौका है। सन् 2024 तक लोगों को लाशें फूंकने, वायरस से मरने-घायल होने से फुरसत नहीं होगी तो जैसे अभी संसद का अधिवेशन हुआ वैसे दो-चार और सत्र करके, साझा-विशेष अधिवेशन बुला कर संविधान बदलें। अपने को सर्वशक्तिमान, 138 करोड़ लोगों का सर्वाधिकार प्राप्त राष्ट्रपति बना दस साल की अपनी सत्ता पर ठप्पा लगाएं। देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करें। मुसलमान को अधिकृत तौर पर समान नागरिक कानून का पालनकर्ता बना, उनके बच्चे पैदा करने की संख्या पर रोक लगा, उन्हें दूसरे दर्जे का नागरिक घोषित करके उन हिंदुओं की कुंठा खत्म कराएं, सपना साकार करें कि इतिहास में इन विधर्मियों ने हिंदुओं को बहुत सताया है सो, अब हम बदला लेंगे। जैसे हम चाहेंगे वैसे इन्हें रहना होगा।

मोदीजी, आप अनुमान लगाएं इससे हिंदुओं की ऊर्जा, उनकी बहादुरी का कैसा लावा फूटेगा। दुनिया के वे तमाम लोग हिंदुओं को तब देवता, विश्वगुरू मानेंगे जो इस्लाम से तंग आए हुए हैं। हिंदुओं को दुनिया की कमान मिलेगी। नस्ल-धर्म-राष्ट्र का वह मिशन बनेगा, जिसमें भारत में तुरंत वह ताकत बनेगी, जिसके दम में भारतीय सेनाएं बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान आदि की तरफ शुद्धिकरण के लिए वैसे ही निकल पड़ेंगी जैसे हिटलर की सेनाओं ने पोलैंड, ऑस्ट्रिया आदि की और कूच किया था। तब न केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर कब्जाना मामूली बात होगी, बल्कि अखंड भारत की सीमाओं में भगवा झंडा फहराता हुआ होगा।

हां, मोदीजी मैं भी तब लिखना बंद कर आपका सैनिक बन स्वंयसेवकों की सेना में खैबर दर्रे से पार जा कर हिंदुओं की अखंड भारत लड़ाई में शामिल होऊंगा। आपकी लंगूर सेना-आईटी सेना का सेनानी बनूंगा। सो, कीजिए हिंदू राष्ट्र के सपने को पूरा। लोकतंत्र पर ताला है। विपक्ष तालाबंद है। सब चुनाव स्थगित करें। केवल अंबानी-अदानियों के लिए ही तालांबद लोकतंत्र का उपयोग क्यों? उनके लिए खेती और मजदूर कानूनों से हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा। इसके बजाय वह कीजिए, जिसके सपने आप बचपन में शाखा और प्रचारक के नाते देखते आए हैं। जो आपके रोल मॉडल हैं। आप बनिए पुतिन के बाप। आप बनिए सुभाष चंद्र बोस जैसी सेनानी पोशाक पहने राष्ट्राध्यक्ष। आप बनिए सऊदी अरब के शहंशाह जैसे धर्म विशेष के शहंशाह। पृथ्वी के इतिहास में मोदीजी आपको पानी है राष्ट्रवादी-धर्मवादी-एकछत्रवादी की थ्री इन वन राष्ट्रपति की फौलादी इमेज।

लोकतंत्र आपका दास है तो चिंता न करें लोकतांत्रिक बाधा की। राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद जैसों की, विपक्ष के, देशद्रोहियों के हल्ले की चिंता मत कीजिए। इन चींटियों का क्या मतलब। जैसे आप चाहेंगे वैसे प्रक्रिया बन जाएगी। जब अनुच्छेद 370, सीएए, मंदिर बनने का काम चुटकियों में हो गया तो हिंदू राष्ट्र और उम्रपर्यंत हिंदू राष्ट्रपति बनना भी चुटकियों का काम है। मोदीजी सोचने की जरूरत नहीं है। बस, आपको अपने सेक्रेटरी से सिर्फ एक नोट बनवाना है बाकी पूरा देश आपकी पालकी उठाए अभिनंदन करेगा। वायरस, आर्थिकी, सीमा सबको हिंदू भूलेंगे और आपको तन-मन-धन समर्पित कर आपकी हर दिन पूजा करेंगे।

फिर याद कराऊं। वायरस मौका है। लोकंतत्र पर ताला लगाएं और जैसे कृषि- लेबर कानून बनाने की मनमर्जी की है वैसे ही हिंदुओं के मन की, अपने मन की सब कुछ करने का मौका है। कर डालिए वह सब जिसकी इंसान ने कल्पना नहीं की हुए है। हमें विश्व गुरू बनना है!

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