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Thursday, May 13, 2021
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उदारता काफी नहीं है

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ये अच्छी खबर है कि फाइजर कंपनी ने अपने कोरोना वैक्सीन के सात करोड़ डोज भारत को देने का फैसला किया है। कंपनियां ऐसी उदारता दिखाएं, तो कम से कम उन देशों को तुरंत राहत मिल सकती है, जहां कोरोना वायरस ने तबाही मचा रखी है। लेकिन यह समस्या का समाधान नहीं है। विशेषज्ञों ने अपनी ये राय बार-बार दोहराई है कि कोरोना वायरस पर काबू पाने का एकमात्र उपाय पूरी दुनिया में सबका टीकाकरण है। सवाल है कि ये कैसे संभव होगा? क्या बड़े पैमाने पर वैक्सीन का उत्पादन हुए बिना दुनिया में सबको टीका लगाना संभव है? ऐसा नहीं हुआ, जिन्होंने टीका लगवाया है, वायरस के लगातार हो रहे म्यूटेशन के कारण उनकी सुरक्षा भी जाती रहेगी। असल मुद्दा विश्व व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) के तहत कोरोना वैक्सीन पर से पेटेंट हटाने या स्थगित करने का है। अगर पेटेंट यानी बौद्धिक संपदा अधिकार को हटा दिया जाए, तो जिस फॉर्मूले से कंपनियों ने वैक्सीन तैयार किए हैं, उसकी तकनीक और उन वैक्सीन को बनाने का ज्ञान उन्हें अलग-अलग देशों की वैक्सीन निर्माता कंपनियों से साझा करना होगा। उससे इन वैक्सीन के डोज ज्यादा बड़ी संख्या में और सस्ती दरों तैयार किए जा सकेंगे। ले

किन कंपनियां इस मांग का पुरजोर विरोध कर रही हैं। अमेरिका में उन्होंने इसके खिलाफ लॉबिंग में अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। इसके लिए वे लाखों डॉलर खर्च कर रही हैं। ऐसे में ये सवाल उठना लाजिमी है कि फाइजर ने अब उदारता दिखाई है, वह सचमुच उदारता है या पेटेंट हटाने की दुनिया में मजबूत हो रही मांग को भोथरा करने की एक चाल है? दुनिया में इस समय वैक्सीन डोज की बेहद कमी है। जबकि जो डोज फाइजर-बायोएनटेक, मॉडेरना, जॉनसन एंड जॉनसन और एस्ट्रा जेनिका कंपनियों ने बनाए हैं, उनके ज्यादातर हिस्से पर धनी देशों ने कब्जा कर लिया है। जबकि कोरोना महामारी की नई लहर से भारत सहित कई देश परेशान हैं। बढ़ते मामलों के कारण टर्की को पिछले हफ्ते पहली बार लॉकडाउन लगाना पड़ा। उधर ईरान में एक दिन में सबसे ज्यादा मामले सामने आने का रिकॉर्ड बना है। ब्राजील में बड़ी संख्या में नए संक्रमण और मौतों पर काबू पाना मुश्किल बना हुआ है। दरअसल, समस्या तो पेटेंट हटने के बाद भी बनी रहेगी। इसलिए कि वैक्सीन उत्पादन की क्षमता सीमित देशों के पास ही है। बहरहाल, इससे दुनिया की लगभग आठ अरब आबादी के पूरे टीकाकरण का रास्ता खुलेगा। असल मुद्दा यही है।

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