दिल्ली से जो संकेत मिलेंगे

देश की राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो गया। अब नजरें नतीजों पर हैं, जिनका एलान मंगलवार को होगा। हालांकि दिल्ली विधान सभा की हैसियत एक नगर निगम से अधिक नहीं मानी जाती, मगर दिल्ली में जो होता है उसका व्यापक असर होता है। इसलिए हमेशा से दिल्ली के चुनाव पर सारे देश की नजर होती है। इस बार भी ऐसा ही है। इस बार यह देखने पर नजर है कि लोग अरविंद केजरीवाल सरकार के कामकाज पर मतदान करते हैं, या फिर शाहीन बाग और उन मुद्दों पर जिन्हें भाजपा नेताओं ने जोरदार ढंग से उठाया। आम आदमी पार्टी (आप) ने स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़ने की कोशिश की। भाजपा का पूरा जोर राष्ट्रीय मुद्दों पर रहा और उसने बहुत ही आक्रामक रवैया अपनाया। कांग्रेस ने इस चुनाव में अन्य राज्यों की ही तरह स्थानीय मुद्दों के साथ राष्ट्रीय मुद्दों को प्रमुखता से जगह दी। भाजपा ने आप और कांग्रेस पर हमला करने के लिए शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ करीब दो महीने से चल रहे धरना प्रदर्शन का इस्तेमाल किया। यह मुद्दा न सिर्फ भाजपा के स्थानीय नेताओं ने उठाया, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ सभी केंद्रीय मंत्री अपनी हर रैली- सभा में इसका इस्तेमाल किया। चुनाव प्रचार के बीच में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक वीडियो को आधार बनाते हुए शाहीन बाग में धरने पर बैठी हुई प्रदर्शनकारियों पर 500 रुपये लेकर देश को बदनाम करने का आरोप लगाया। यह तो साफ है कि केजरीवाल के स्थानीय मुद्दों के जवाब में भाजपा के हाथ में कोई पत्ता नहीं था, तो उसने स्थानीय बनाम राष्ट्रीय करने की कोशिश की। भाजपा ने शाहीन बाग को केंद्रीय मुद्दा बनाया है। उसने शाहीन बाग को देशद्रोह, पाकिस्तान और बिरयानी से जोड़ा। जबकि शाहीन बाग मूल रूप से महिलाओं का विरोध प्रदर्शन है, जिसमें हर धर्म, जाति, संप्रदाय की महिलाएं हैं। यह जरूर है कि वहां अधिकतर महिलाएं मुस्लिम हैं। वहां वे शांतिपूर्वक बैठकर प्रदर्शन कर रही हैं, नारे लगा रही हैं, भारत माता की जय कर रही हैं और तिरंगा लहरा रही हैं। यानी भाजपा ने जिस तरह इसे पेश किया, उसे उचित नहीं माना जाएगा। मगर भाजपा की प्रचार शक्ति का आज शायद ही कोई जवाब है। अब देखना है कि मतदाताओं पर इस प्रचार का कितना असर पड़ा और क्या काम पर जज्बाती मुद्दे इस बार भी हो गए?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares