Economic policies Rahul gandhi रणनीति है तो बताइए भी
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रणनीति है तो बताइए भी

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Economic policies Rahul gandhi राहुल गांधी ने कहा कि 1991 में कांग्रेस की सरकार ने जो रणनीति अपनाई, उसने 2012 आते-आते काम करना बंद कर दिया। इसलिए अब देश को नई रणनीति की जरूरत है, वरना 1991 जैसी विनाशकारी स्थिति फिर पैदा हो सकती है। राहुल गांधी ने दावा किया कि कांग्रेस के पास ऐसी नई रणनीति है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सबसे पहले एक अमेरिकी यूनिवर्सिटी के छात्रों से संवाद के दौरान यह कहा था कि 1990 के दशक में जो आर्थिक नीति कारगर रही थी, वह अब नहीं हो सकती। बुधवार को वे इस मामले में थोड़ा और आगे बढ़े। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस तो रसोई गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई के मुद्दे पर आयोजित की, लेकिन इसी दौरान उन्होंने कहा कि 1991 में कांग्रेस की सरकार ने जो रणनीति अपनाई, उसने 2012 आते-आते काम करना बंद कर दिया। इसलिए अब देश को नई रणनीति की जरूरत है, वरना 1991 जैसी विनाशकारी स्थिति फिर पैदा हो सकती है। राहुल गांधी ने दावा किया कि कांग्रेस के पास ऐसी नई रणनीति है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार चाहे, तो कांग्रेस पार्टी पार्टी के विशेषज्ञ उसे नई रणनीति अपनाने में मदद करने को तैयार हैं। लेकिन उन्होंने यह राज़ नहीं खोला कि आखिर ये रणनीति है क्या? दरअसल, 2008 में आई मंदी के बाद से सारी दुनिया में भूमंडलीकरण और नव-उदारवाद की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। इन नीतियों ने गैर-बराबरी बढ़ाई और अब आर्थिक विकास के लिहाज से भी ये गतिरुद्ध हो चुकी हैँ।

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पश्चिमी देशों में कुछ अर्थशास्त्रियों और नेताओं ने वैकल्पिक नीतियां पेश भी की हैं, हालांकि अब तक उन्हें कहीं आजमाया नहीं गया है। ऐसे में अगर कांग्रेस पार्टी ने नई रणनीति के बारे में सोच लिया है, तो इसे एक बड़ी बात समझा जाएगा। मगर मुद्दा यह है कि इसे राज़ बनाए रखने की क्या जरूरत है? बल्कि अगर उन नीतियों को सार्वजनिक किया जाए, तो उससे समाज में बहस खड़ी होगी। और अगर सचमुच लोगों को यह महसूस हुआ कि कांग्रेस मौजूदा आर्थिक संकट से निकालने में सक्षण है, तो मुमकिन है कि उसे वोट आधार में भी इजाफा हो। ऐसे में कांग्रेस या राहुल गांधी के लिए उचित यह होगा कि वे अपनी मुट्ठी खोलें। वरना, बार-बार ये बात सिर्फ दोहराई जाती रही, तो बहुत से लोग इसे एक जुमला समझने को मजबूर हो जाएंगे। राहुल गांधी के इस दावे पर कोई सवाल नहीं है कि कांग्रेस पार्टी के पास शासन करने या जरूरत के मुताबिक नई नीति देने का अनुभव है। मगर इस वक्त देश यह जानना चाहता है कि इस अनुभव से नया उसने क्या हासिल किया है?

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