हांगकांग में है गहरा असंतोष

हांगकांग में हिंसा बढ़ रही है। इसमें अब तक कई मौतें हो चुकी हैं। प्रदर्शनों ने शहर के कई हिस्सों में कामकाज पूरी तरह से ठप कर दिया है- खास तौर से पर्यटन और खुदरा व्यापार पर भारी असर पड़ा है। उधर जैसी कि आशंका थी कि हांगकांग की सरकार ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि बीते एक दशक में पहली बार यहां मंदी आई है। हांगकांग प्रशासन ने शुक्रवार को जारी आर्थिक आंकड़ों में बताया कि साल की तीसरी तिमाही में जीडीपी 3.2 फीसदी सिमट गई है। इसके साथ ही कहा गया है कि शहर की अर्थव्यवस्था अब मंदी की चपेट में है। पिछले दिनों सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों ने हांगकांग के कई हिस्सों को पांच दिनों से बंद कर रखा। छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर के रास्ते पर बैरिकेड लगा रखा है।

सरकारी अधिकारी हिंसा को रोकने के उपाय करने में जुटे हैं। सरकार ने एक बार फिर कंपनियों से आग्रह किया है कि वह कर्मचारियों के लिए काम के लचीले तौर तरीकों का इंतजाम करें, ताकि इस समस्या से निपटा जा सके। हांगकांग में प्रदर्शनों का सिलसिला इस साल जून से चल रहा है, जब यहां की सरकार ने एक प्रत्यर्पण बिल पेश किया। इस कानून के लागू हो जाने के पर हांगकांग से अपराधियों को चीन में मुकदमा चलाने के लिए भेजा जा सकता था। भारी विरोध के बाद यह बिल तो रद्द कर दिया गया, लेकिन प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब यहां ज्यादा लोकतांत्रिक प्रशासन की मांग हो रही है। ये कम गौरतलब नहीं है कि हांगकांग की नेता कैरी लाम की मुख्य कानूनी सलाहकार टेरेसा चेंग से लोगों की एक गुस्साई भीड़ ने धक्कामुक्की की। इसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गईं। बहरहाल, सरकार की तमाम सख्तियों के बावजूद हांगकांग के कई इलाकों में छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन चल रहा है। इसके मद्देनजर अपना रुख सख्त करते हुए प्रशासन ने आरोप लगाया है कि छात्रों की हरकतें आतंकवाद के करीब पहुंचने लगी हैं। गौरतलब है कि जून में हिंसा शुरू होने के बाद से 12 से 83 साल की उम्र के करीब 4000 लोगों को अब तक हिरासत में लिया गया है। इसके बावजूद विरोध प्रदर्शनों और संकट का फिलहाल कोई हल दिखता नजर नहीं आता। असल बात यह है कि हांगकांग के लोग इसलिए नाराज हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी आजादी पर रोक लगाई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares