इमरान की है यही सोच

पाकिस्तान में एक संसदीय भाषण में प्रधानमंत्री इमरान खान पूर्व अल कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को शहीद कह गए। उनके समर्थकों ने इसे जुबान का फिसलना कहा। लेकिन मनोवैज्ञानिक बताते हैं कि जुबान इस तरह नहीं फिसलती। जिसे जुबान का फिसलना कहा जाता है, वह दरअसल अचेत होने पर मन में बैठी बात का बाहर निकल जाना होता है। इसलिए ये कहा जा सकता है कि इमरान खान ने की जुबान से जो निकला, वह उनके अवचेतन में छुपे विचार का ही सामने आना है। यह तो जग-जाहिर है कि इमरान खान के मन में उन इस्लामी लड़ाकों तक के लिए खास जगह है, जो अफगानिस्तान और यहां तक की खुद पाकिस्तान में हिंसक हमले करते आए हैं। इमरान खान को शोहरत क्रिकेट से मिली। लेकिन उससे उन्हें वह सियासी पूंजी नहीं, जिससे वे देश के प्रधानमंत्री बन जाते। स्मरणीय है कि वो जब पहली बार चुनाव लड़े तो एक साथ तीन चुनाव क्षेत्रों से हार गए थे। उसके बाद उन्होंने धीरे- धीरे राजनीतिक पूंजी बनाई तो यह उन्होंने इस्लामी कट्टरपंथियों का समर्थन करते हुए ही हासिल किया।

कट्टरपंथियों की गतिविधियों का आरोप वे अमेरिका पर जड़ते रहे। उनकी राय थी कि अमेरिका ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान क्षेत्र में अस्थिरता पैदा की। उसके जवाब में तालिबान का उग्रवाद फैला। पिछले हफ्ते अपने संसदीय भाषण में खान विपक्ष के इन आरोपों का जवाब दे रहे थे कि उनकी सरकार ने पाकिस्तान में कोरोना महामारी को ठीक से नियंत्रित नहीं किया। उन्होंने इस आरोप को गलत बताने के लिए उन्होंने लंबा भाषण दिया। उसमें आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और उससे पाकिस्तान को हुए नुकसान का भी जिक्र किया। 2011 में अमेरिकी सेना ने विशेष अभियान चलाकर पाकिस्तान के एबटाबाद में बिन लादेन को मारा था। माना जाता है कि उस समय पाकिस्तानी सरकार ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन की मदद की थी। यह भी मुमकिन है कि उस समय पाकिस्तान के पास मदद करने के अलावा और कोई चारा भी नहीं रहा होगा। लेकिन इस मदद को लेकर तत्कालीन सरकार पर जिन लोगों ने हमला बोला, उनमें इमरान खान की पार्टी भी थी। बताया जाता है कि पाकिस्तान की सेना भी तब की सरकार के उस कदम से नाराज हुई थी। इमरान खान के सेना के साथ गहरे संबंध होना भी जगजाहिर हैं। दोनों की एक राय थी। वही राय अब इमरान खान की जुबान के फिसलने से जाहिर हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares