ये कहानी रहस्यमय है!

भारत में हिन्दुओं की मौत हो और उस पर पाकिस्तान में प्रदर्शन हों, यह सुनने में अजीब सा लगता है। लेकिन सचमुच ऐसा ही हुआ है। पाकिस्तान के हिन्दू आरोप लगा रहे हैं कि भारत में हिन्दू सुरक्षित नहीं हैं। पिछले हफ्ते इस्लामाबाद में हिन्दू समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए। उनकी पुलिस के साथ झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारी एक प्रवासी हिन्दू परिवार के 11 सदस्यों की भारत में रहस्यमय तरीके से हुई मौत के खिलाफ विरोध जता रहे थे। एक ही परिवार के ये सभी सदस्य पिछले महीने राजस्थान के जोधपुर में एक फार्म हाउस में मृत पाए गए थे। उनके रिश्तेदारों का आरोप है कि भारत की खुफिया एजेंसी ने उन्हें जहर दे कर मार डाला। तब से पाकिस्तान के दक्षिणी प्रांत सिंध में कई रैलियां निकाल चुकी हैं। यह पहली बार हुआ है, जब पाकिस्तान में ऐसे प्रदर्शन हुए हैं। हिन्दू समुदाय के लोग इस्लामाबाद में भारतीय दूतावास के पास धरना देना चाह रहे थे, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें दूतावास तक पहुंचने नहीं दिया। तब उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई। नौ अगस्त को सभी 11 लोगों के मृत पाए जाने पर मीडिया में आई खबरों में दावा किया गया था कि सभी ने खुदकुशी कर ली। मगर इस्लामाबाद में अधिकारियों ने बताया कि भारत ने इस मामले पर कोई रिपोर्ट साझा नहीं की है।

पाकिस्तान में हिन्दू समुदाय के नेताओं ने इस मामले में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात की है। उन्होंने भारत पर इस मामले में की गई शुरूआती पुलिस जांच के नतीजे जारी करने के लिए दबाव बनाने की मांग की। कुछ सरकारी अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तान ने एक हिन्दू व्यक्ति से पूछताछ की इजाजत भी मांगी है, जो उन लोगों की मृत्यु के समय जोधपुर में उसी फार्म हाउस में मौजूद था। पाकिस्तानी हिन्दुओं का आरोप है कि जिस परिवार के सदस्य मारे गए, उसके मुखिया की बेटी ने जहर दिए जाने की बात कही है। बेटी ने कुछ दिनों पहले स्थानीय मीडिया को बताया था कि उस परिवार पर भारत सरकार कथित रूप से दबाव डाल रही थी कि वो पकिस्तान की सरकार की निंदा करते हुए एक बयान जारी करें।
मगर ये सारा मामला संदिग्ध है। संभवतः यह पाकिस्तान की प्रचार रणनीति का हिस्सा है। भारत को इसका साफगोई से कड़ा जवाब देना चाहिए।

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