नेता बदलेगा, नीति नहीं - Naya India
बेबाक विचार | लेख स्तम्भ | संपादकीय| नया इंडिया|

नेता बदलेगा, नीति नहीं

इजराइल में नेतन्याहू विरोधी गठबंधन बनने की सूरत बन गई है। इससे 12 साल बाद बेंजामिन नेतन्याहू की प्रधानमंत्री पद से विदाई हो जाएगी। लेकिन नया गठबंधन अंतर्विरोधी एजेंडे पर चलने वाले नेताओं और दलों का है। उनकी एकता लंबे समय तक टिकेगी, इसको पर गहरा संदेह है।

यह भी पढ़ें: कार्रवाई तो ठीक, लेकिन..

ऐसा लगता है कि इजराइल में बेंजामिन नेतन्याहू के लंबे कार्यकाल का अब आखिरकार पटाक्षेप हो जाएगा। 12 साल तक वे प्रधानमंत्री कुर्सी पर रहे। इस दौरान तमाम विवाद हुए। उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे। ऐसे आरोपों के कारण उन पर मुकदमा भी चल रहा है। इन सबके बावजूद वे अपनी कुर्सी पर जमे रहे। पिछले दो साल में चार बार इसलिए चुनाव कराना पड़ा, क्योंकि किसी पार्टी को बहुमत मिलना तो दूर ऐसा जनादेश भी नहीं आया, जिससे कोई टिकाऊ गठबंधन सरकार बन सके। पिछले चुनाव में भी ऐसा ही खंडित जनादेश आया। एक बार फिर इसमें नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलीं। इसलिए राष्ट्रपति ने उसे पहले सरकार बनाने का मौका दिया। लेकिन बहुमत जुटाने में नेतन्याहू नाकाम रहे। इससे पांचवें चुनाव की नौबत आती दिख रही थी। लेकिन उससे ठीक पहले नेतन्याहू विरोधी गठबंधन बनने की सूरत बन गई है। इससे कुछ समय के लिए चुनाव की संभावना फिलहाल टल जाएगी। लेकिन नया गठबंधन एक दूसरे के विरोधी एजेंडे पर चलने वाले नेताओं और दलों का है। उनकी एकता लंबे समय तक टिकेगी, इसको पर गहरा संदेह है।

गठबंधन में अंतर्विरोधों का हाल यह है कि उसका नेतृत्व नेतन्याहू से भी ज्यादा धुर दक्षिणपंथी नेता के हाथ में होगा, लेकिन उसे बहुमत के लिए इजराइल की अरब आबादी की नुमाइंगी करने वाली इस्लामी पार्टी रा’म के समर्थन का सहारा लेना पड़ेगा। ये पार्टी फिलस्तीनियों पर सख्ती का पुरजोर विरोध करती है। जबकि संभावित प्रधानमंत्री नफताली बेनेट पश्चिमी किनारे में फिलस्तीनियों की 60 फीसदी और जमीन पर कब्जा करने के समर्थक हैँ। बेनेट और विपक्षी नेता यायर लेपिड के बीच लंबी बातचीत के बाद ऐसा ही गठबंधन सरकार बनाने पर सहमति बनी है। खबरों के मुताबिक बेनेट और लेपिड के बीच प्रधानमंत्री के कार्यकाल को दो–दो साल बांटने पर सहमति हुई है। इसके तहत अरबपति राजनेता और पूर्व रक्षा और शिक्षा मंत्री 49 वर्षीय बेनेट पहले दो साल प्रधानमंत्री रहेंगे। उसके बाद 57 वर्षीय लेपिड दो साल के लिए प्रधानमंत्री बनेंगे। कुछ और छोटे दलो इस गठबंधन को समर्थन देंगे, जिससे 120 सदस्यीय संसद- नेसेट में उसे बहुमत हासिल हो जाएगा। बेनेट फिलस्तीनियों के लिए एक अलग देश बनाने के प्रस्ताव के कट्टर विरोधी हैं। अमेरिका सहित तमाम पश्चिमी देश दो-राष्ट्र सिद्धांत के तहत फिलस्तीनियों के लिए अलग देश बनाने का समर्थन करते रहे हैँ। इसलिए इस दिशा में नई सरकार से कोई नई शुरुआत नहीं होगी। यानी नयापन महज दिखावटी है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ट्रेंडिंग खबरें arrow