छोटे हमले, बड़े आयाम - Naya India Jammu Airforce Station Attack
बेबाक विचार | लेख स्तम्भ | संपादकीय| नया इंडिया| %%title%% %%page%% %%sep%% %%sitename%% Jammu Airforce Station Attack

छोटे हमले, बड़े आयाम

असल बात यह है कि भारत विरोधी किसी ताकत ने ड्रोन से जरिए निशाना साधा और वह अपने निशाने पर बम गिराने में लगभग कामयाब रही। यह भविष्य के लिए बड़े खतरे का संकेत है। इस खतरे के आयाम व्यापक हैं। यह साफ है कि ऐसे हमलों की क्षमता दूसरी तरफ हासिल कर ली गई है।

Jammu Airforce Station Attack : जम्मू में वायु सेना संचालित हवाई अड्डे पर हुए दो ड्रोन हमलों ने भारत की सुरक्षा के लिए एक नई चुनौती पैदा कर दी है। इन हमलों से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, यह कोई बड़े संतोष की बात नहीं हो सकती। असल बात यह है कि भारत विरोधी किसी ताकत ने ड्रोन से जरिए निशाना साधा और वह अपने निशाने पर बम गिराने में लगभग कामयाब रही। यह भविष्य के लिए बड़े खतरे का संकेत है। इस खतरे के आयाम व्यापक हैं।

हमला सीधे पाकिस्तान की सीमा के अंदर से किया गया या किसी पाकिस्तान समर्थिक गुट ने जम्मू-कश्मीर में किसी स्थान से ऐसा किया, यह अभी जांच का विषय है। लेकिन यह साफ है कि ऐसे हमलों की क्षमता दूसरी तरफ हासिल कर ली गई है। कुछ रक्षा विशेषज्ञ काफी समय से ये चेतावनी दे रहे हैं कि चीन की मदद से पाकिस्तान अब युद्ध क्षमता को अगले स्तर पर ले जा रहा है। खास कर 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने और लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने के भारत सरकार के फैसले के बाद चीन- पाकिस्तान सहयोग में नई तेजी आ गई।

यह भी पढ़ें: ये बदलाव गौरतलब है

Drone attack jammu kashmir

भारत के उस कदम के कुछ ही दिन बाद जब चीन के सैनिक आयोग में नंबर दो की हैसियत रखने वाले शू चिलियांग ने पाकिस्तान का दौरा किया, तो इस घटनाक्रम ने जानकारों का ध्यान खींचा था। शू चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई टेक आधारित युद्ध के जानकार समझे जाते है। उनकी हैसियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल में जब अमेरिका ने पेश की कि उसके रक्षा मंत्री ऑस्टिन लॉयड और शू के बीच सीधी वार्ता हो, तो चीन ने इसे ठुकरा दिया था।

उसने कहा था कि प्रोटोकॉल में शू का दर्जा ऑस्टिन से ऊपर है, इसलिए ऑस्टिन को चीन के रक्षा मंत्री से बात करनी चाहिए। इसलिए उस अधिकारी के पाकिस्तान जाने का एक मतलब था। दरअसल, लद्दाख में चीनी फौज का भारतीय सीमा आकर जम जाने को भी अनेक विशेषज्ञ 5 अगस्त के भारत के कदम का परिणाम मानते हैँ। तो संकेत यह है कि उस घटना के बाद से दूसरा पक्ष अपनी तैयारियों को अलग स्तर पर ले गया है। क्या भारत ने उसी के अनुरूप अपनी रक्षा तैयारी बढ़ाई है, इससे ही यह तय होगा कि भविष्य में भारत की सीमाएं कितनी सुरक्षित और आम सुरक्षा कितनी पुख्ता रहेगी। Jammu Airforce Station Attack

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

ट्रेंडिंग खबरें arrow