जम्मू-कश्मीर में नया विवाद

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में एक नई डोमिसाइल नीति लागू कर दी है। माना जा रहा है कि इसका इस केंद्र शासित प्रदेश के भविष्य पर गहरा असर पड़ेगा। नए डोमिसाइल के नियमों के तहत प्रदेश में कम-से-कम 15 सालों तक रहने वाला हर व्यक्ति डोमिसाइल के लिए योग्य होगा। इसके अलावा डोमिसाइल की परिभाषा बदल कर और भी कुछ श्रेणियों के व्यक्तियों को इसके योग्य बनाया गया है। इनमें शामिल हैं, वो लोग जिन्होंने सात साल तक जम्मू और कश्मीर में पढ़ाई की हो, दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा प्रदेश के ही किसी स्कूल या कॉलेज से दी हो, वो बच्चे जिनके माता-पिता प्रदेश में 10 सालों तक केंद्र सरकार के किसी भी पद पर काम कर चुके हों, और वो व्यक्ति जिन्हें प्रदेश के रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन कमिश्नर ने बतौर प्रवासी पंजीकृत किया हो। इन सभी श्रेणियों के व्यक्ति अब जम्मू- कश्मीर में स्थानीय नौकरियों के लिए आवेदन कर पाएंगे और प्रदेश में जमीन या मकान खरीद पाएंगे। इसके पहले ये अधिकार सिर्फ उन लोगों को प्राप्त थे, जो पूर्व जम्मू-कश्मीर राज्य की विधान सभा से निर्धारित परिभाषा के तहत स्थानीय निवासी माने जाते थे।

जम्मू- कश्मीर की राजनीतिक शक्तियों में डोमिसाइल नीति में लाए गए इन बदलावों के प्रति खासी नाराजगी है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा के जो वादे किए गए थे, उनमें से किसी भी वादे को निभाया नहीं गया है। कुछ नेताओं ने इसे प्रदेश के लोगों के प्रति धोखा बताया है। उनके मुताबिक नई नीति से प्रदेश के स्थायी निवासियों के अधिकार छिन जाएंगे और इस से बाहरी लोगों का प्रदेश में नौकरियों और संपत्ति पर कब्जा हो जाएगा। हाल में केंद्र सरकार ने फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला को रिहा किया तो यह माना गया कि वह वहां कोई नई शुरुआत करने वाली है। लेकिन ताजा पहल से इन उम्मीदों को धक्का लगा है। हालांकि एक राय ये भी है कि धारा 370 और 35-ए हटाने के बाद ये धारणा बनी थी कि जम्मू-कश्मीर में बाहर के लोग भी नौकरियां ले पाएंगे और वहां बस पाएंगे। लेकिन यह घोषणा उस से कुछ कदम पीछे है। बहरहाल, कदम चाहे जो हो, अगर उसे उठाने के पहले संवाद और सहमति का रास्ता अख्तियार किया जाता, तो उसके बेहतर परिणाम होते। ऐसा फिर नहीं किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shares