कलियुग, कोरोना और कनिका

मैं पूजा पाठ करने वाला धार्मिक व्यक्ति हूं। अतः स्वर्ग व कलयुग के बारे में काफी पढ़ा-सुना था। मगर कभी इस बात की कल्पना नहीं की थी कि यह सब पृथ्वी पर ही बिना मरे सबकुछ देखने को मिल जाएगा। सब कुछ होते हुए भी कुछ नहीं रहा, इसका नोटबंदी में अनुभव किया। जबकि जेब में पैसे होने के बावजूद आप प्रेस क्लब में बैठकर भी कुछ खा नहीं पा रहे थे क्योंकि सरकार ने अपने ही नोटों का चलन बंद कर दिया था। बैंको के बाहर अपने खातों में लाखों रुपए रखने वाले लोग महज दो हजार रुपए हासिल करने के लिए पुलिस वालो के डंडे खा रहे थे।

लेकिन तब कहा पता था कि अभी तो अंगडाई है आगे और लड़ाई है। जब चीन में कोरोना फैला तो लग रहा था कि चीन जैसा देश जोकि दुनिया में तकनीकी रूप से इतना आगे निकल चुका हो उसके बनाए द्रोण खेतों में बीमार पौधे पर ही दवा छिड़कते है तो इस रोग की दवा को जरूर खोज निकलेगा। मगर ऐसा नहीं हुआ बल्कि यह रोग दुनिया के सबसे विकसित देशों से लेकर अमीर देशों यूरोप से लेकर अमेरिका तक फैल गया। हर जगह लोग मारे जा रहे हैं। किसी के पास इसका कोई तोड़ नहीं है।  अतः ऐसा लग रहा है कि कलयुग में ‘क’ अक्षर ही सब जगह हावी रहेगा। पूरे देश में कोरोना से लेकर कनिका कपूर तक इस समय हावी है। वो तो मानों ऐसी कलयुगी देवी है जो भी उनके संपर्क में आया वे उसे कोरोना रोग प्रदान कर रही है। यह खबर आने तक नहीं पता था कि गायिका कनिका कपूर मेरे कानपुर के पड़ोसी शहर लखनऊ की रहने वाली है व लंदन से भारत लौटकर उन्होंने कानपुर अपने मामा के यहां जाकर वहां तक इस वायरस को पहुंचा दिया।

अब इस प्रतिभावान गायिका के बारे में और ज्यादा जानने की इच्छा होने लगी। हमारे राज्य व शहर में जाति पर कुछ ज्यादा ही जोर दिया जाता है। अतः बता दूं कि वे उत्तर प्रदेश के खत्री (कपूर) परिवार से है। आमतौर पर पंजाब में कपूर ज्यादा होते हैं और वे यह गर्व के साथ कहती हैं कि उसको पंजाबी बोलनी नहीं आती है। वे बेबी डॉल चिट्टियां कलाइयां सरीखी फिल्मो व गीतों की गायिका है। उन्होंने कोरोना के जरिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ व मेरे शहर कानपुर को चर्चा में ला दिया।इतना ही नहीं कानपुर से लगे माने जाने कुछ नेता, सांसद भी उनके कारण चर्चा में आ गए। कनिका कपूर लंदन से मुंबई होते हुए लखनऊ लौटी थी। वे वहां क्यों गई थी यह आगे बताऊंगा। वे लखनऊ के ताज होटल में ठहरी व अपने प्रिय मुरीद के नए फ्लैट में आयोजित गृह प्रवेश समारोह में भाग लेने गई थी। वहां आए अनेक नेता उनके संपर्क में आए।

कनिका कपूर के परिवार का दावा है कि जब वे मुंबई वापस लौटी तो उनकी कोराना वायरस की जांच हुई थी। जबकि सरकार का दावा है कि उन्होंने जांच अधिकारियों को गच्चा दे दिया व लखनऊ चली गई। इस कार्यक्रम के बाद उन्हें रोग के कुछ लक्षण दिखाई दिए व डाक्टरो ने उन्हें कम-से-कम पांच दिनों के लिए अलग-थलग हो जाने को कहा। उसके बाद उनकी दोबारा जांच की जाएगी। उन्होंने जिस पार्टी में हिस्सा लिया उसमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे उनके बेटे दुष्यंत सिंह, पूर्व सांसद अकबर अहमद डंपी के भतीजे, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह भी आए हुए थे।दिक्कत यह थी कि पार्टी में शामिल होने वाले अनेक सांसदों ने दिल्ली आकर संसद की स्थायी समिति की एक बैठक व राष्ट्रपति द्वारा आयोजित एक नाश्ते में भी हिस्सा लिया था। अब इस युवती के कोरोना वायरस से पीडि़त होने की खबर सुनने के बाद उसके संपर्क में आए करीब दर्जन भर सांसदों समेत 100 लोग बहुत परेशान हैं। उन्होंने खुद को अलग-थलग कर दिया है।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस गायिका, अभिनेत्री के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है व उसने खुद को भी सबसे अलग-थलग कर लिया है व कोरोना को उसके जरिए लखनऊ कानपुर तक पहुंच जाने की आशंका है। जहां वह अपने मामा के घर गई थी।आमतौर पर हमारे प्रदेश में लोग मिलने भी नहीं आते हैं व राजनीति व दूसरे डकैती दिखाने वाले धंधों में शामिल होने व अपराध कथाओं छाए रहे हैं।

कनिका कपूर का जन्म 23 मई 1978 को लखनऊ में हुआ। उसकी शिक्षा वहां के जाने-माने लोरैटो कॉन्वेंट में हुई। उसको गाने का शुरू से शौक था। बेबी डॉल व रागिनी एमएमएस फिल्मों में गीत गाने के बाद वह पूरे देश में छा गई। उसे फिल्म फेयर का सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिक का अवार्ड मिला। उसने अनेक जानी-मानी फिल्मों में काम भी किया। उसकी मां पूनम कपूर अपना बुटीक चलाती थी। महज 12 साल की आयु में उसने वाराणसी के पंडित गणेश मिश्रा से शास्त्रीय संगीत सीखना शुरू दिया व 15 साल की उम्र में भजन गायक अनूप जलोटा के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने लगी व फिर मुंबई चली गई।

उन्होंने 1997 में एनआरआई बिजनेस मैन राज चंडोक से शादी की व उसके साथ लंदन चली गई। उससे उनके तीन बच्चे एक बेटा व दो बेटियां हुई व 2012 में उनका तलाक हो गया और वे अपने मां-बाप के पास लखनऊ आ गई व उनके बच्चे लंदन में ही रहने लगे। सन 2012 में पाकिस्तान के सूफी गायक अलिफ अल्लाम का जाना-मान गीत जुगनीजी उन्होंने गाया जोकि बेहद लोकप्रिय हुआ।

उनके द्वारा गाए पंजाबी रीमिक्स लवली व कमली बहुत पसंद किए गए। कनिका के बेटे का नाम युवराज व बेटियों के नाम आयाना व समारा है। राज चंडोक डाक्टर है व लंदन में पैदा हुए व पढ़े लिखे है। हालांकि वे भारतीय मूल के हैं। उनके शोभा डे के बेटे आदित्य किलाचंद के साथ दोस्ती बढ़ाने की खबरें चर्चित हुई थी। कनिका ने उसके साथ अपनी फोटो भी फेसबुक पर डाली। जहां बेबी डॉल ने उसे शोहरत दी वहीं इस फिल्म में उसने उसका संगीत तैयार करने का पूरा श्रेय देने का आरोप लगाते हुए उसका संगीत ऊंचे दामों पर बेच देने का आरोप लगाया।

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