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अब नजर सुप्रीम कोर्ट पर

High Court Birbhum violence

सरकार ने उनके निर्देश के मुताबिक नया हलफनामा देकर जवाब देने से इनकार कर दिया है। सोमवार को न्यायालय ने तीन दिन का समय तय किया। सरकार से कहा कि वह चाहे तो इस बीच नया हलफनामा देने पर अपनी राय बदल सकती है। लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया, तो कोर्ट क्या करेगा? supreme court pegasus controversy

पेगासस मामले में सरकार ने स्थिति वहां पहुंचा दी है, जहां दांव पर सुप्रीम कोर्ट की साख लग गई है। कोर्ट के जजों ने वाजिब और सख्त सवाल पूछे हैं। लेकिन सरकार ने उनके निर्देश के मुताबिक नया हलफनामा देकर संतोषजनक जवाब देने से इनकार कर दिया है। तो अब मुद्दा यह है कि सुप्रीम कोर्ट क्या करेगा। सोमवार को न्यायालय ने तीन दिन का समय तय किया। अंतरिम आदेश को रिजर्व रखने की बात कही। सरकार से कहा कि वह चाहे तो इस बीच नया हलफनामा देने पर अपनी राय बदल सकती है। लेकिन मुद्दा वही है कि सरकार ने ऐसा नहीं किया, तो कोर्ट क्या करेगा? अगर कोर्ट ने वैसा आदेश नहीं दिया, जिससे इस मामले में उठे सवालों की उचित और विश्वसनीय जांच हो सके, तो फिर लोग पूछेंगे कि जजों ने जो कड़े सवाल पूछे उनका क्या मतलब था। अगर कोर्ट ने ऐसी जांच का आदेश दिया, तो उसका मतलब सरकार से सीधे टकराव मोल लेना होगा। आज के हालात में कोर्ट का ऐसा रुख असामान्य और असाधारण घटना मानी जाएगी। लेकिन अब असल में बात इसी फ्लैश प्वाइंट पर पहुंच गई है।

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सोमवार को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रख केंद्र सरकार पेगासस जासूसी विवाद पर विस्तृत हलफनामा दाखिल नहीं करना चाहती है। मेहता ने कोर्ट से कहा कि इन सबकी जांच एक विशेष समिति से कराने दें। इन डोमेन विशेषज्ञों का सरकार से कोई संबंध नहीं होगा। उन्होंने कहा कि उनकी रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट के पास आएगी। बेंच ने कहा कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जानकारी नहीं चाहती है। वह केवल स्पाइवेयर के अवैध उपयोग के जरिए आम नागरिकों के अधिकारों के उल्लंघन के आरोपों से चिंतित है। यही इस मसले का असली प्रश्न है। लेकिन ऐसा लगता है कि उसे सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा की आड़ से ढकना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट विभिन्न दिशा-निर्देशों की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। उनमें एक में एसआईटी जांच, एक में न्यायिक जांच की गुजारिश की गई है। मकसद यह सामने लाना बताया गया है कि सरकार ने नागरिकों की जासूसी करने के लिए पेगासस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया या नहीं। दुनियाभर के 17 मीडिया संस्थानों ने ऐसा आरोप लगाते हुए एक साथ रिपोर्ट छापी थी। उसका सच देश और दुनिया जानना चाहती है।

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