omicron new variant concern ऐसे भ्रम से बचना बेहतर
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ऐसे भ्रम से बचना बेहतर

omicron new variant concern

इस बीच ये धारणा बनाई जा रही है कि फिलहाल आई संक्रमण की लहर कोरोना वायरस महामारी की आखिरी लहर है। वजह यह बताई गई है कि कोरोना वायरस का नया वैरिएंट अपेक्षाकृत कमजोर है। इसे इस बात संकेत समझा गया है कि इसके बाद आने वाले वैरिएंट और कमजोर होंगे।

कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वैरिएंट ने भारत में कहर ढा दिया है। इसकी वजह से  यूरोप से लेकर अमेरिका और एशिया तक में ऐसी ही कहर देखी गई है। दरअसल, ये वैरिएंट इतना अधिक संक्रामक है कि उसके संपर्क में आने से बचना किसी के लिए भी मुश्किल हो है। इसलिए संक्रमित लोगों की संख्या हर जगह तेजी से बढ़ रही है। कई देशों में एक दिन में संक्रमण का रिकॉर्ड इस वैरिएंट की वजह से बना है। लेकिन इस बीच कुछ वैज्ञानिकों का हवाला देते हुए ये धारणा बनाई जा रही है कि फिलहाल आई संक्रमण की लहर कोरोना वायरस महामारी की आखिरी लहर है। वजह यह बताई गई है कि कोरोना वायरस का नया वैरिएंट अपेक्षाकृत कमजोर है। इसे इस बात संकेत समझा गया है कि इसके बाद आने वाले वैरिएंट और कमजोर होंगे।

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लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन और वैज्ञानिकों के एक समूह ने उचित ही ऐसी राय बनने के खिलाफ चेतावनी दी है। उनकी इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि इसके बाद और अधिक खतरनाक नए वैरिएंट्स का सामने आना संभव है। मौजूदा लहर को आखिरी मानने का आधार इस बात को बनाया गया है कि ओमिक्रोन लहर के दौरान उतनी बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है, जितना पहले आई लहरों के दौरान हुआ था। टीकाकरण और पहले के संक्रमणों से बने एंटीबॉडीज से भी इस बार बहुत से लोगों का इस रूप में बचाव हुआ है। तो ये राय बनी है कि लोग अभी भी बीमार पड़ेंगे, लेकिन बीमारी के गंभीर रूप लेने का खतरा कम रहेगा। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उचित ही ऐसी धारणा के खिलाफ चेतावनी दी है। उससे जुड़े संक्रामक रोग विशेषज्ञों ने कहा है कि हाल में दिखे ट्रेंड का यह मतलब नहीं होगा कि वायरस कम खतरनाक हो जाएगा। तो हमें वैज्ञानिकों की इस राय पर जरूर ही ध्यान देना चाहिए कि अभी लंबे समय तक लोगों को मास्क बनने की जरूरत पड़ेगी। दरअसल, हमें अपना बचाव खुद करना है। खास कर भारत में ये बात ज्यादा लागू होती है। हमारे लिए वैज्ञानिकों की ये राय अहम है कि लोगों को खुद अपने लिए मौजूद खतरे का जायजा लेना चाहिए। उन्हें ऐसी जगहों या लोगों के पास जाने से बचना चाहिए, जहां संक्रमण लगने का खतरा हो।

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