पीएम-केयर्स और कुछ सवाल

कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम-केयर्स नाम का एक नया कोष बनाया। धनी-मानी लोगों और संस्थाओं के बीच इसमें योगदान देने की होड़ लग गई। लेकिन कई हलकों से ये सवाल भी उठाया गया है कि अगर पहले से ही इसी तरह का एक फंड ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष’ मौजूद था, तो इस ‘पीएम केयर्स’ की क्या जरूरत है? ये किस तरह पीएमएनआरएफ से अलग है? आरोप है कि इस नए फंड में पारदर्शिता नहीं है। ये भी नहीं पता है कि इस ट्रस्ट में कितने सदस्य हैं, उसके नाम क्या है। ‘पीएम केयर्स’ का कोई गैजेट नोटिफिकेशन भी प्रकाशित नहीं किया गया, नतीजतन ये जानकारी भी नहीं है कि आखिर किस आधार पर ये पैसे खर्च किए जाएंगे। क्या इस कोष का उपयोग पीड़ित परिवारों को  सहायता देने के लिए होगा? या इससे कोई ऐसा स्थायी स्वास्थ्य ढांचा बनाने की कोशिश होगी, जिससे ऐसी महामारियों को रोकने और उनका मुकाबला करने में मदद मिले? ऐसे तमाम सवालों का जवाब पीएमओ से अपेक्षित है। इस बीच ये जानकारी भी सामने आई है कि (सरकारी आंकड़ों के मुताबिक) पहले से मौजूद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) में साल दर साल जितनी राशि प्राप्त होती रही है, उसका काफी कम हिस्सा खर्च किया गया है।

पिछले 10 सालों में पीएमएनआरएफ में जितनी राशि प्राप्त हुई थी, उसमें से सिर्फ 53.56 फीसदी राशि ही खर्च की गई। केंद्र भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार बनने के बाद के पहले पांच सालों में जितनी राशि प्राप्त हुई, उसका सिर्फ 47.13 फीसदी राशि ही खर्च हुई। पीएमएनआरएफ की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक साल 2009-10 से साल 2018-19 के बीच इस फंड में कुल 4713.57 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, लेकिन इस दौरान इसमें से सिर्फ 2524.77 करोड़ रुपए ही खर्च किए जा सके। इसमें से वित्त वर्ष 2014-15 से 2018-19 के बीच पीएमएनआरएफ में कुल 3383.92 करोड़ रुपए प्राप्त हुए। इसमें से इन पांच सालों में सिर्फ 1594.87 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए। यानी ये साफ है कि काफी लंबे समय से इस फंड में जितनी राशि प्राप्त हो रही है, उसमें से तकरीबन 50 फीसदी भी सरकारें खर्च नहीं कर पा रही हैं, जिसके चलते बची हुई राशि काफी बढ़ गई है। वित्त वर्ष 2018-19 के पूरा होने तक इस फंड में 3800.44 करोड़ रुपए बचे हुए थे। इसीलिए नया कोष बनाना अजीब लगता है। बहरहाल, इस बारे में पीएमओ स्पष्टीकरण दे, तो सवाल दूर हो सकते हैं।

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