अमल में सावधानी जरूरी - Naya India
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अमल में सावधानी जरूरी

हालांकि सरकार ने ये फैसला व्यापक हित को ध्यान में रख कर किया, लेकिन इसको लेकर कई सवाल अभी कायम हैं। गर्भपात की इजाजत अब 24 हफ्तों तक दी जाएगी। इससे खासकर नाबागिक पीड़िताओं को राहत मिलेगी, लेकिन इसका दुरुपयोग ना हो, इसे भी सुनिश्चित करना जरूरी होगा। चुनौती यह है कि इससे कहीं कन्या भ्रूण हत्या का अपराध और ना बढ़ जाए। डॉक्टरों का कहना है कि भ्रूण संबंधी खास विषमताओं की पहचान 20 हफ्ते के पहले मुमकिन नहीं है। 22 हफ्ते या 24 हफ्ते में भ्रूण का आकार बढ़ जाता है। अतः गर्भपात कानून में संशोधन करने का ताजा फैसला यौन हिंसा की पीड़ितों के लिए मददगार साबित होगा। यह सच है कि भारत में कई संगठन लंबे अर्से से गर्भपात की समयसीमा बढ़ाने की मांग करते आए हैं। उनकी दलील है कि 1971 का कानून बहुत पुराना है। यह चिकित्सा प्रगति को नजरअंदाज करता है। अब गर्भपात की समयसीमा 24 हफ्ते तक करने से नाबालिग पीड़ितों की सबसे ज्यादा मदद होगी। उन्हें नए कानून के तहत गर्भपात का अधिकार मिल जाएगा। कई मामलों में यह कदम पीड़ितों के लिए सहायता देने वाला होगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात सेवाएं देने और चिकित्सा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के विकास को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग हितधारकों और मंत्रालयों के साथ विचार के बाद गर्भपात कानून में संशोधन का प्रस्ताव किया था। ग्रीस, फिनलैंड और ताइवान में गर्भपात की समयसीमा 24 हफ्ते तय है। जबकि अमेरिका के कई राज्यों में गर्भपात पर प्रतिबंध है। हालांकि विश्व भर में गर्भपात को लेकर अब पहले से उदार प्रवृत्ति अपनाई जा रही है। अब भारत का कानून भी अधिक उदार हो गया है। भारत में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब बच्चियों को पांच महीने तक पता नहीं चला कि वे गर्भवती हैं और उन्हें गर्भपात कराने के लिए हाईकोर्ट का सहारा लेना पड़ा। इसीलिए चिकित्सा जगत से जुड़े जानकारों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह ऐसे नाबालिग यौन पीड़ितों के लिए काफी मददगार होगा, जिनका रेप के कारण गर्भ ठहर जाता है। ऐसे अनेक मामलों में और उन्हें या परिवार को बहुत देर से इसका पता चलता है। ऐसे मामलों में उन्हें गर्भपात कराने के लिए कोर्ट में अर्जी लगानी पड़ती है, जिसके लिए अब तक 20 महीने की समयसीमा हुआ करती थी। अब देखना है कि नए बदलाव से असल में सूरत कितनी बदलती है।

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