स्पेन को महंगी पड़ेगी सख्ती!

स्पे‍न के कैटोलोनिया प्रदेश में आजादी समर्थक प्रदर्शनों का तांता लगा हुआ है। इस प्रांत को स्पेन से अलग करने की समर्थक ताकतें उनके नेताओं को हुई सज़ा से ख़फा हैं। अब सवाल यह है कि क्या स्पेन इन लोगों अब संतुष्ट कर पाएगा? कैटेलोनिया के 12 पूर्व राजनेताओं को कैद की सजा, स्पेन की सरकार की कठोर नीतियों और दमन के खिलाफ कैटेलोनिया क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने ‘मार्च फॉर फ्रीडम’ शुरू कर दिया। 18 अक्टूबर को दिन में शुरू हुआ शांतिपूर्ण प्रदर्शन उसी रात हिंसक हो गया। स्पेन की सर्वोच्च अदालत ने सात अक्टूबर को कैटेलोनिया की स्वतंत्रता के समर्थक 12 राजनेताओं को देशद्रोह के आरोप में नौ से 13 साल की जेल की सजा सुनाई थी। उसके बाद से क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। पिछले एक सप्ताह से चल रहे प्रदर्शन की वजह से बार्सिलोना सहित बाकी कैटेलोनिया में बंद जैसी स्थिति बन गई। 16 अक्टूबर को पुलिस की कार्रवाई में 130 से अधिक प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबर आई। उस रोज 33 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। ये प्रदर्शन कैटोलोनिया की राजधानी बार्सिलोना तक सीमित नहीं रहे। बल्कि स्पेन के पांच अलग-अलग शहरों में हजारों प्रदर्शनकारियों ने हिस्सा लिया।

आयोजकों ने अकेले बार्सिलोना में 7,50,000 लोगों के शामिल होने का दावा किया। स्वतंत्रता समर्थकों ने मुख्य सड़क सहित यातायात को बाधित कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि राजनेताओं की रिहाई के साथ-साथ क्षेत्र के लिए सामाजिक सुरक्षा और श्रम सुरक्षा के कार्यक्रम लागू किए जाएं। सबके लिए स्वास्थ्य सेवाएं और कार्यस्थल पर लैंगिक समानता की मांगें भी उठाई गई हैं। अदालत ने कैटेलोनिया के पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष ओरियल जंक्वेराज को देशद्रोह तथा सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में 13 साल कैद की सजा सुनाई। इस मुकदमे को 1975 में लोकतंत्र बहाल होने के बाद से स्पेन का सबसे महत्वपूर्ण मुकदमा माना जा रहा है। 1975 में तानाशाह जनरल फ्रांसिस्को फ्रांको की मौत के बाद लोकतंत्र बहाल किया गया था। कैटेलोनिया में स्वतंत्र जनमत संग्रह कराने के बाद स्पेन से अलग होने की कोशिश के लिए आठ लोगों को लंबी कैद की सजा मिली है। वहीं तीन अन्य को कम सजा मिली है। आंदोलन के कारण देश में बिजली की खपत में 10 फीसदी तक की खपत में कमी आई है। यानी दो साल पहले जो स्वतंत्रता आंदोलन वहां शुरू हुआ था, वह फिर से भड़क उठा है।

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