बड़ी मुश्किल में हैं स्टार्टअप्स

लॉकडाउन की स्टार्ट अप कंपनियों पर बहुत बुरी मार पड़ी है। इसका सबसे ज्यादा इजहार फूड डिलीवरी सेक्टर पर पड़ा है। लॉकडाउन की वजह से ज्यादातर रेस्तरां और मिठाई की दुकानें बंद रहीं, जिसका असर फूड डिलीवरी सेक्टर पर भी पड़ा। नतीजतन, पिछले दिनों फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो ने अपने 13 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी कर दी। जिन कर्मचारियों की नौकरी नहीं जाएगी, उनके वेतन में 50 फीसदी तक की कटौती की जाएगी।

कंपनी का अनुमान है कि उसके सभी कर्मचारियों के लिए भविष्य में पर्याप्त काम नहीं रहेगा। जोमैटो की प्रतिद्वंद्वी कंपनी स्विगी ने अपने 1,100 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का एलान किया है। कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि फूड डिलीवरी बिजनेस पर गहरा असर पड़ा है। कुछ वक्त तक यह बरकरार रहेगा। इसलिए कंपनी को कर्मचारियों की संख्या कम करने और आने वाले वक्त में किसी तरह की अनिश्चितता से निपटने के लिए दूसरी लागतें भी घटाने की जरूरत है। कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देश में 25 मार्च से लॉकडाउन लागू है।

रेस्तरां और होटल बंद होने के साथ-साथ लोगों में बाहर के खाने को लेकर एक हिचक भी है। लोग बाहर का खाना ऑर्डर करने से बच रहे हैं और इसका सीधा असर फूड डिलीवरी सेक्टर पर भी हुआ है। ऐसे में बदले हालात में कंपनियों के लिए इतने ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी पर रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। लेकिन ये हाल सिर्फ फूड डिलवरी सेक्टर का ही नहीं है।

नैसकॉम के एक सर्वेक्षण के मुताबिक 70 फीसदी स्टार्टअप के पास बिजनेस चलाने के लिए सिर्फ तीन महीने से भी कम समय का नकद बचा है। तकनीक उद्योग की संस्था नैसकॉम ने कोविड-19 के प्रभावों को जानने के लिए एक महीने तक ई सर्वे किया। सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 10 में से 9 स्टार्टअप ने राजस्व में गिरावट दर्ज की है।

इस सर्वे में पाया गया कि सबसे ज्यादा प्रभावित सेगमेंट शुरूआती और मध्य स्तर वाले हैं। नैसकॉम के सर्वे के मुताबिक 60 फीसदी बी-2-सी स्टार्टअप लगभग बंद होने की स्थितियों का सामना कर रहे हैं। इसी संकट की मिसाल है कि बेंगलुरू स्थित शेयरचैट कंपनी ने भी 101 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। वीवर्क नामक एक कंपनी भी इसी राह पर आगे बढ़ रही है। जानकारों का कहना है कि कोरोना वायरस के कारण नौकरी जाने वालों की संख्या बढ़ रही है। कुल मिलाकर यह कुल अर्थव्यवस्था में गहराते संकट का ही एक और इजहार है।

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