nayaindia अमेरिका-चीन में तनाव घटा - Naya India
kishori-yojna
बेबाक विचार | लेख स्तम्भ | संपादकीय| नया इंडिया|

अमेरिका-चीन में तनाव घटा

इस घटनाक्रम पर भारत को अवश्य नजर रखनी चाहिए। चीन और अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध का सीधा असर भारत पर पड़ता है। मगर इससे भारत के लिए कुछ अवसर भी पैदा होते हैं। दूसरी तरफ अगर अमेरिका और चीन में सब ठीक चले तो उसके भी भारत के लिए अपने परिणाम हैं। ताजा खबर यह है कि पिछले दिनों अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने चीन के खिलाफ मुद्रा से छेड़छाड़ करने वाला अपना आरोप वापस ले लिया। अमेरिका का यह कदम ऐसे समय में आया, जब कुछ ही दिनों में दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी एक शुरुआती व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। इस समझौते से विश्व की इन दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच 18 महीनों से चल रही तनातनी कम होने की उम्मीद है। काफी देरी से जारी हुई अमेरिका की छमाही मुद्रा रिपोर्ट में चीन पर मुद्रा के साथ हेराफेरी करने का आरोप वापस लिया गया। अगस्त 2019 में अमेरिका ने चीन पर यह आरोप लगाया था। तब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव चरम पर था। अमेरिका ने कहा था कि चीन ने जान बूझकर अपनी मुद्रा युआन का मूल्य कम रखा हुआ है, ताकि उसे अनुचित व्यापारिक लाभ मिल सके। इससे कुछ ही घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी चीन पर मुद्रा की हेराफेरी का आरोप लगाया था। किसी देश पर इस तरह का आरोप लगाने के लिए अमेरिका  की तीन कसौटियां हैं। अपनी ताजा रिपोर्ट में अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने कहा कि पहले चरण की व्यापार संधि के अनुसार, चीन ने “प्रतियोगी अवमूल्यन से बचने का वादा किया है” और वह विनिमय दर और बाह्य देय राशि पर उपयुक्त जानकारी प्रकाशित करने को तैयार है। रिपोर्ट ने यह भी कहा कि चीन को अपनी मुद्रा के लगातार कमजोर बने रहने से बचाने के लिए और बाजार को और ज्यादा खोलने के लिए निर्णायक कदम उठाने चाहिए, जिससे उसके दीर्घकालिक विकास की संभावनाएं और मजबूत हो सकें। अमेरिका के कदम पर चीन ने तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। मगर पिछले अगस्त में चीन के केंद्रीय बैंक ने युआन को कमजोर करने के लिए हस्तक्षेप करने के आरोपों को खारिज किया था। कहा था कि चीन पर मुद्रा की हेराफेरी करने का अमेरिका का आरोप अंतरराष्ट्रीय नियमों का गंभीर उल्लंघन है। बहरहाल, अब दोनों देशों के बीच विवाद संभलता लग रहा है। इसके नतीजों पर दुनिया की नजर है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

6 + 1 =

kishori-yojna
kishori-yojna
ट्रेंडिंग खबरें arrow
x
न्यूज़ फ़्लैश
पवार और कांग्रेस भी चिंतित हैं
पवार और कांग्रेस भी चिंतित हैं