वॉट्सऐप का विश्वासघात!

सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म वॉट्सऐप की नई पॉलिसी को लेकर दुनिया भर में इसके यूजर्स में पैदा हुआ गुस्सा जायज है। खासकर वॉट्सऐप के इस कदम का भारत में असर देखा जाएगा, जो इस प्लैटफॉर्म का सबसे बड़ा मार्केट है। वॉट्सऐप ने अब यूजर्स के सामने सिर्फ दो ही विकल्प छोड़े हैं- या तो वे उसकी शर्तें मान कर अपनी प्राइवेसी को खत्म करें या फिर अपना अकाउंट डिलीट करें। शर्तें मानना है या नहीं, इस बारे में सोचने के लिए 8 फरवरी तक का वक्त वॉट्सऐप की मालिक कंपनी फेसबुक ने दिया है। गौरतलब है कि दुनियाभर में 200 करोड़ से ज्यादा यूजर्स वॉट्सऐप इस्तेमाल करते हैं। नया साल शुरू होते ही यूजर्स को वॉट्सऐप पर नए टर्म्स और प्राइवेसी पॉलिसी का अपडेट मिलने लगा। इसमें लिखा है कि यूजर्स को ये पॉलिसी माननी होगी। इसमें मूल बात यह है कि वॉट्सऐप पर आप जो कंटेंट अपलोड, सबमिट, स्टोर, सेंड या रिसीव करते हैं, कंपनी उन्हें कहीं भी यूज, रिप्रोड्यूस, डिस्ट्रीब्यूट और डिस्प्ले कर सकती है।

जाहिर है, इस पॉलिसी के जरिए वॉट्सऐप अपने 200 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का डेटा एक्सेस कर पाएगी। यानी वो उनके डेटा को दूसरे प्लेटफॉर्म पर शेयर भी कर पाएगी। नई पॉलिसी के नोटिफिकेशन में उसने साफ लिखा है कि अब वॉट्सऐप आपकी हर सूचना अपनी पेरेंट कंपनी फेसबुक और इंस्टाग्राम के साथ शेयर करेगा। यानी वॉट्सऐप अपने यूजर्स के डेटा का इस्तेमाल करके पैसे कमा सकती है। दूसरी तरफ यूजर्स की प्राइवेसी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। मसलन, भुगतान के लिए वॉट्सऐप का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के बैंक का नाम, कितनी राशि और डिलीवरी का स्थान सभी को ये प्लैटफॉर्म ट्रैक करेगा। इससे फेसबुक-इंस्टाग्राम भी आपके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन जान जाएंगे। ट्रांजेक्शन डिटेल से कंपनी आपकी प्रोफाइलिंग करेगी। यानी आपकी आर्थिक हालत कैसी है। अगर वॉट्सऐप और फेसबुक के आकलन में आप अमीर दिखे, तो फिर आपको महंगी गाड़ियों के विज्ञापन दिखने लगेंगे। वॉट्सऐप ने विकल्प दिया है कि यूजर अपनी लोकेशन एक्सेस डिसेबल कर सकते हैं। हालांकि उसने यह भी कहा है कि आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर से अंदाजा लग जाएगा, आप कब-कहां जाते हैं। फिर वॉट्सऐप यूजर का स्टेटस भी पढ़ेगा। इससे मिली जानकारी का इस्तेमाल भी यूजर्स की प्रोफाइलिंग के लिए किया जाएगा। तो कुल मिलाकर बिना यूजर्स की सहमति लिए वॉट्सऐप ने अपनी पॉलिसी बदल ली है। कह दिया कि इसे मानना है तो ठीक, वरना हमारे प्लैटफॉर्म से जाओ। क्या यह एक तरह का विश्वासघात नहीं है?

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