कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री के तौर पर शुभेंदु अधिकारी के शपथ लेने के 22 दिन के बाद उनके मंत्रिमंडल का गठन हुआ है। सोमवार को 35 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, जिसके बाद शुभेंदु सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़ कर 41 हो गई है। 294 सदस्यों की विधानसभा के हिसाब से राज्य में कुल 44 मंत्री हो सकते हैं। इस तरह तीन मंत्री पद खाली रखे गए हैं।
सोमवार को सुबह 11 बजे लोकभवन में हुए कार्यक्रम में राज्यपाल आरएन रवि ने 35 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शपथ समारोह में मौजूद रहे। राज्यपाल ने 13 नेताओं को कैबिनेट मंत्री, तीन को स्वतंत्र प्रभार के राज्य मंत्री और 19 को राज्य मंत्री की शपथ दिलाई। इससे पहले नौ मई को शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और क्षुदीराम टुडू ने मंत्री पद की शपथ ली थी। ये सभी कैबिनेट मंत्री बने थे।
सोमवार को जिन नेताओं को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई गई उसमें एक नाम स्वप्न दासगुप्ता का भी है। वे राज्यसभा के मनोनीत सदस्य रहे हैं। वे पिछली बार चुनाव लड़े थे लेकिन जीत नहीं पाए थे। पूर्व सांसद अर्जुन सिंह को भी मंत्री बनाया गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में तापस रॉय और डॉक्टर शंकर घोष भी हैं। किसी महिला को कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया है। इस तरह मुख्यमंत्री सहित कुल 20 कैबिनेट मंत्री हैं, जिनमें एकमात्र महिला अग्निमित्र पॉल हैं। सोमवार को कुल छह महिला मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, जिनमें एक स्वतंत्र प्रभारी का राज्यमंत्री हैं और बाकी पांच राज्यमंत्री हैं। पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा को भी मंत्री बनाया गया है। हालांकि रूपा गांगुली को सरकार में जगह नहीं मिली।
