नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सुप्रीम अरविंद केजरीवाल ने इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल यानी ई-20 पेट्रोल के खिलाफ दिल्ली में मार्च निकाला। उन्होंने ‘नेशनल टाउन हॉल’ कार्यक्रम में इस मार्च का ऐलान किया था। उनकी पार्टी ने ऑनलाइन याचिका के जरिए दो लाख दस्तखत जुटाए हैं। केजरीवाल इसे लेकर प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करना चाह रहे थे। लेकिन दिल्ली पुलिस ने उनको फिरोजशाह रोड पर ही रोक दिया।
इसके बाद केजरीवाल के साथ मनीष सिसोदिया और पार्टी के अन्य नेता फिरोजशाह रोड पर ही बीच सड़क पर धरने पर बैठ गए।आम आदमी पार्टी ने करीब एक सौ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ यह मार्च निकाला था। पार्टी का दावा है कि उसने देश भर से 2.30 लाख से ज्यादा लोगों की याचिकाएं जुटाई हैं। केजरीवाल ने कहा कि ई-20 पेट्रोल के खिलाफ दो लाख से ज्यादा लोगों ने प्रधानमंत्री को चिट्ठियां लिखी हैं, जिन्हें वे खुद प्रधानमंत्री को सौंपना चाहते थे लेकिन पुलिस ने रोक दिया।
इसके बाद केजरीवाल ने कहा, ‘हमने सभी चिट्ठियां पुलिस के हाथों मोदी जी को भेज दी हैं’। केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को मैसेज भेजा था। उन्होंने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि पीएम हमसे मिलेंगे’। पुलिस के रोके जाने के बाद धरने पर बैठे अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में मोदी सरकार अमेरिका से इथेनॉल खरीद रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया में सबसे ज्यादा इथेनॉल बनाता है और उसने भारत पर इसे खरीदने का दबाव बनाया। केजरीवाल ने कहा, ‘अमेरिका का कचरा खरीदकर हमारी 30 लाख गाड़ियों पर थोपा जा रहा है। इसे रोकने के लिए हमें नीट आंदोलन से भी बड़ा आंदोलन करना होगा’।
केजरीवाल ने लोगों से ई-20 विरोधी अभियान में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि ई-20 नीति के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। आम आदमी पार्टी के दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इसे लेकर कहा, ‘हम दो लाख से ज्यादा लोगों की याचिकाएं लेकर आए हैं। हमें आगे जाने दिया जाना चाहिए। अगर कोई दिक्कत है तो प्रधानमंत्री कार्यालय का कोई अधिकारी यहां आकर ज्ञापन ले ले और इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हो जाए’। हालांकि पीएमओ का कोई अधिकारी नहीं आया तो चिट्ठियां पुलिस को सौंप दी गईं।
