नई दिल्ली। भूकंप से तबाह हुए वेनेजुएला को भारत सहित दुनिया भर के देशों ने मदद भेजी है। वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने दुनियाभर से पहुंचे बचाव दलों का स्वागत किया। उन्होंने शुक्रवार को कहा, ‘हम मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालेंगे। इस काम में हम दिन रात जुटे हुए हैं’।
इस बीच भूकंप के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी हजारों लोग लापता है। भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़ कर करीब छह सौ हो गई है, जबकि करीब 40 हजार लोगों के लापता होने की खबर है। इससे पहले अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे ने 10 हजार से ज्यादा लोगों के मरने की आशंका जताई थी। भूकंप के कई घंटे बीत जाने के बाद लोगों ने बताया कि मलबे के नीचे दबे लोगों की आवाजें आ रही हैं।
गौरतलब है कि वेनेजुएला में बुधवार, 25 जून को साल 1821 के काराबोबो युद्ध की याद में राष्ट्रीय अवकाश था। इसलिए ज्यादातर लोग घरों में थे और फीफा वर्ल्ड कप मैच देख रहे थे। उसी समय 7.2 की तीव्रता का भूकंप आया। इस वजह से मरने वालों और मलबे में दबने वालों की संख्या ज्यादा होने की आशंका है। सरकार की ओर से बताया कि 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। भूकंप से जानमाल का वास्तव में कितना नुकसान हुआ है इसका पता अभी नहीं लग पाया है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक भूकंप से 10 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की 44 फीसदी आशंका है।
यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को साढ़े नौ लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। भूकंप के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने आपातकाल लगा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड्रिग्ज से बात कर मदद की पेशकश की और उसके बाद भारत ने मदद के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना के दो सी 17 विमान भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट और 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हो गए हैं।
