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जंतर-मंतर पर महिला पत्रकारों के यौन उत्पीड़न का आरोप

New Delhi, Jul 25 (ANI): Protesters celebrate at Jantar Mantar after Union Education Minister Dharmendra Pradhan resigns from his post, in New Delhi on Saturday. (ANI Photo/Sumit)

नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तीन अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए शिकायतें दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि प्रदर्शन के दौरान हुई कथित घटनाओं को लेकर नई दिल्ली जिला पुलिस को शिकायतें मिली थीं। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। अधिकारी के अनुसार तीनों महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोप लगाए हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नई दिल्ली जिला पुलिस ने शिकायतें अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दी हैं।

अपराध शाखा आरोपों की गहन जांच करेगी। शिकायतकर्ता महिला पत्रकारों और मामले से संबंधित अन्य व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। पीड़ित महिला पत्रकारों में से एक ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) ने उसका यौन उत्पीड़न किया।

महिला पत्रकार ने बताया कि वह और अन्य लोग प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाने गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसने आरोप लगाया, ‘पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रहे थे और मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। मैंने दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत से महिला पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति के बारे में पूछा, जिसके बाद उन्होंने मेरा यौन उत्पीड़न किया और मुझे पीछे धकेल दिया।’

हालांकि बार-बार फोन करने और संदेश भेजने के बावजूद एसीपी विवेक भगत से संपर्क नहीं हो सका। एक सूत्र ने बताया कि पत्रकारों की ओर से दी गई शिकायत में उनका नाम भी दर्ज है।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने प्रदर्शन को कवर कर रहे पत्रकारों के साथ पुलिस के व्यवहार पर ‘हैरानी और निराशा’ जताते हुए दिल्ली पुलिस से महिला पत्रकारों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया।

पीसीआई ने बयान में कहा, ‘लोकतंत्र में इस तरह के आचरण को कतई स्वीकार्य या सामान्य नहीं ठहराया जा सकता। पत्रकारों को बिना किसी भय के स्वतंत्र वातावरण में काम करने और जनहित के मुद्दे उठाने के लिए एकत्रित लोगों की निष्पक्ष रिपोर्टिंग करने की अनुमति मिलनी चाहिए।’

प्रेस क्लब ने कहा, ‘देश की राजधानी के केंद्र में ही ऐसा वातावरण न बन पाना भारत में प्रेस की स्वतंत्रता के भविष्य के लिए अच्छा संकेत नहीं है।’ पीसीआई ने दिल्ली पुलिस से महिला पत्रकारों की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि मीडियाकर्मी बिना किसी दुर्व्यवहार और भय के अपना पेशेवर दायित्व निभा सकें।

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