नई दिल्ली। नेपाल में पांच मार्च को हुए आम चुनावों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी बड़े बहुमत की ओर बढ़ रही है। वोटों की गिनती के दूसरे दिन सबसे बड़ा उलटफेर यह हुआ कि पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेता केपी शर्मा ओली बड़े अंतर से चुनाव हार गए। काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह ने उनको 50 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। वोटों की गिनती अभी चल रही है। दो दिन में 165 सीटों के नतीजे आ जाएंगे। शनिवार शाम तक के नतीजों के मुताबिक बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 60 सीटें जीती हैं और 62 पर बढ़त बनी हुई है।
बहरहाल, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के बालेन शाह और ओली झापा-5 सीट से चुनाव लड़े थे। इस सीट पर बालेन शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि केपी शर्मा ओली को सिर्फ 18,734 वोट मिले। गौरतलब है कि ओली का राजनीतिक स्टैंड भारत विरोधी रहा है। इस चुनाव में बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उसने प्रत्यक्ष चुनाव वाली 165 सीटों में दो तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है।
गौरतलब है कि संसद की 275 में से 165 सीटों पर सीधे चुनाव होता है। जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, वही जीतता है। बाकी बची 110 सीटें पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर मिलती हैं। इसमें वोटर किसी उम्मीदवार को नहीं, बल्कि किसी पार्टी को वोट देते हैं। पूरे देश में पार्टी को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी हिसाब से उन्हें संसद में सीटें मिलती हैं। इसे आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली कहते हैं। इसका मकसद यह है कि कोई भी पार्टी बिना प्रतिनिधित्व के न रहे।
