हरिद्वार। दिल्ली और एनसीआर सहित पूरे देश को दहला देने वाले निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली का शव शुक्रवार को हरिद्वार के भूपतवाला में उसकी चाय की दुकान में फांसी पर लटका मिला। बताया गया है कि वह पिछले कुछ महीनों से नाम बदलकर हरिद्वार में रह रहा था। शुरुआती जानकारी के आधार पर बताया जा रहा है कि आत्महत्या की है, हालांकि पुलिस अभी पूरे मामले की जांच कर रही है।
करीब 19 साल जेल में रहने के बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से आखिरी मामले में बरी होकर वह जेल से बाहर आया था। गौरतलब है कि दिल्ली से सटे नोएडा के निठारी में 2005-06 में बच्चों और महिलाओं के गायब होने की एक के बाद एक हुई कई घटनाओं के बाद उसका नाम सामने आया था। 29 दिसंबर 2006 को मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले से मानव अवशेष मिलने के बाद पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। पंढेर की कोठी में ही कोली काम करता था।
इस घटना का खुलासा होने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच की और कोली के खिलाफ कई केस चले। कोली को निठारी से जुड़े 13 मामलों में मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि 2023 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 12 मामलों में उसे बरी कर दिया। इसके बाद नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी मामले में भी उसकी दोषसिद्धि रद्द कर दी थी।
