नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पुरानी इमारत गिरने और सात छात्रों की मौत के बाद दिल्ली नगर निगम की नींद टूटी है। दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी ने दिल्ली की सभी इमारतों की जांच के आदेश दिए हैं। दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह इमारत गिरने के हादसे पर 10 सितंबर को सुनवाई करेगा। कोर्ट ने कहा कि जरूरत पड़ने पर केस को हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर किया जाएगा। गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में सुनवाई की थी और कहा था कि हादसे के लिए एमसीडी और दिल्ली यूनिवर्सिटी दोनों जिम्मेदार हैं।
बहरहाल, मंगलवार को एमसीडी ने सभी जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियरों से अपने क्षेत्र की इमारतों का निरीक्षण कर 10 सितंबर तक रिपोर्ट देने को कहा है। गौरतलब है कि सत्य निकेतन में रविवार को एक बिल्डिंग गिरने से सात छात्रों की मौत हुई थी और छह लोग घायल हुए थे। हाई कोर्ट ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई की और कहा कि जांच के दौरान जुटाई गई जानकारी दिल्ली हाई कोर्ट को 10 दिन में एक हलफनामे के साथ मुहैया कराई जाए। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।
इस बीच एक अलग घटनाक्रम में मंगलवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति के एक प्रोग्राम में शामिल होने पर कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने विरोध प्रदर्शन किया। एनएसयूआई ने कुलपति पर छात्रों की सुरक्षा और हादसे से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की।
