कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी का दक्षिण 24 परगना के अमतला में स्थित पार्टी ऑफिस तोड़ दिया गया है। शनिवार को यह ऑफिस तोड़ा गया। यह कार्रवाई जिला प्रशासन की तरफ से की गई है। अधिकारियों ने कहा है कि ऑफिस बिल्डिंग प्लान की मंजूरी के बिना बनाया गया था। हालांकि दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि सारी मंजूरी पहले ली गई थी।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पार्टी कार्यालय उनके लिए मंदिर जैसा है। उन्होंने कहा, ‘जमीन खरीदी गई थी और बिल्डिंग स्वीकृत नक्शे के अनुसार बनाई गई थी। हमारे पास सभी दस्तावेज हैं, जिन्हें हम हाईकोर्ट में पेश करेंगे’। उन्होंने आगे कहा, ‘हर कार्रवाई की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। अगर मैं जिंदा रहा, तो 2031 के विधानसभा चुनाव के बाद इसी कानून के जरिए ब्याज सहित इसका जवाब दूंगा’।
यह भी कहा गया है कि इस मामले में तृणमूल कांग्रेस कलकत्ता हाई कोर्ट जाएगी, जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएगी। पार्टी ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के ओएसडी को कार्रवाई के वीडियो भेजे हैं। इनमें भाजपा कार्यकर्ताओं पर तोड़फोड़ का आरोप है।
इस बीच अभिषेक बनर्जी ने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों, विधायकों और नेताओं को बड़ी चुनौती दी है। उन्होंने कहा ने कहा है, ‘अगर वे लोग, जो मेरे विरोध में टीएमसी छोड़कर गए थे, वापस पार्टी में आ जाएं तो मैं एक घंटे के भीतर अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा’। गौरतलब है कि दलबदल करने वाले विधायकों और सांसदों ने कहा है कि वे अभिषेक बनर्जी की वजह से पार्टी छोड़ रहे हैं। उनका नाम लिए बिना अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर इन नेताओं को उनसे दिक्कत है तो वे पार्टी से इस्तीफा देने को तैयार हैं।
