लखनऊ। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से चढ़ावा चोरी का विवाद बढ़ता जा रहा है। इस विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को मंदिर जाने वाले हैं। लेकिन उनके कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रमुख चंपत राय को नहीं शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री की ओर से कहा गया है कि उनके कार्यक्रम में चंपत राय नहीं आएं। गौरतलब है कि मंदिर के कर्ताधर्ता चंपत राय हैं और चढ़ावा चोरी के मामले में उनके करीबी लोगों पर आरोप लग रहे हैं।
इस विवाद के बीच मुख्यमंत्री शुक्रवार को अयोध्या में राम मंदिर में दर्शन पूजन करेंगे। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने मुख्यमंत्री का जो प्रोटोकॉल लेटर जारी किया है, उसमें चंपत राय से अनुरोध किया गया है कि योगी आदित्यनाथ के राम मंदिर कार्यक्रम के लिए वह किसी अन्य व्यक्ति को अपना प्रतिनिधि नामित करें और इसकी सूचना ड्यूटी मजिस्ट्रेट को दें। इससे पहले मंदिर में जब भी कोई वीआईपी कार्यक्रम या दौरा हुआ है, चंपत राय उसमें हमेशा मौजूद रहे हैं।
बहरहाल, गुरुवार को लगातार चौथे दिन विशेष जांच टीम यानी एसआईटी ने चढ़ावा चोरी मामले की जांच के सिलसिले में लोगों से पूछताछ की। एसआईटी के अधिकारी सुबह साढ़े आठ बजे राम मंदिर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि चढ़ावा राशि की गिनती और उससे जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र से पूछताछ की गई। चोरी की खबर आने के बाद वे कहीं बाहर चले गए थे।
मंदिर के रेडियो प्रचार निरीक्षक अर्जुन सिंह और राम जन्मभूमि चौकी प्रभारी से भी पूछताछ की खबर है। गौरतलब है कि अर्जुन सिंह करीब 20 साल से राम मंदिर में ड्यूटी कर रहे हैं। वे वीआईपी दर्शन से लेकर राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े रहे हैं। इस बीच खबर है कि राम मंदिर में भी काशी के विश्वनाथ मंदिर की तरह मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ की नियुक्ति हो सकती है। सीईओ कोई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी होगा, जो कि राम मंदिर में व्यवस्था से जुड़े फैसले लेगा। इस पर ट्रस्ट और सरकार विचार कर रही है।
