कोलकाता। पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी के क्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त के नेतृत्व में चुनाव आयोग की टीम ने पश्चिम बंगाल का दौरा किया। इससे पहले चुनाव आयोग की टीम बाकी राज्यों का दौरा कर चुकी है। अब बंगाल के दौरे पर के बाद किसी भी समय चुनाव की घोषणा हो सकती है। रविवार की शाम को दो चुनाव आयुक्तों के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त कोलकाता पहुंचे थे। सोमवार को उन्होंने पार्टियों के नेताओं से मुलाकात की।
चुनाव आयोग की टीम तीन दिन के दौरे पर पहुंची है पहले दिन सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कालीघाट में पूजा करने पहुंचे। मंदिर के बाहर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने गो बैक के पोस्टर और काले झंडे दिखाए। इसके पहले रविवार को कोलकाता पहुंचने पर भी कुछ लोग उनके काफिले के सामने झंडे लेकर पहुंचे और नारेबाजी की। लोगों ने उनके खिलाफ पोस्टर ले रखे थे और उनके विरोध में लिखे नारों वाली टीशर्ट पहन रखी थी।
बहरहाल, सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग की टीम से मुलाकात की और 2026 का विधानसभा चुनाव तीन चरण में ही कराने की मांग की। भाजपा ने 16 सूत्री मांग पत्र भी चुनाव आयोग को सौंपा। भाजपा ने चुनावी हिंसा रोकने के उपाय करने की मांग की। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल सात मई को खत्म होने वाला है। राज्य की 294 सीटों पर अप्रैल में चुनाव होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, दो अन्य चुनाव आयुक्तों एसएस संधू और विवेक जोशी के अलावा उप चुनाव आयुक्तों व अन्य अधिकारियों के साथ कोलकाता पहुंचे हैं। चुनाव आयोग की टीम सोमवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय पार्टियों के प्रतिनिधियों से मिले। मंगलवार को चुनाव आयोग की मीटिंग अधिकारियों के साथ होगी।
